चित्तौड़गढ़ में महिला एवं बाल हॉस्पिटल से उदयपुर रेफर की गई गर्भवती महिला की रास्ते में एंबुलेंस में ही डिलीवरी हो गई। बीपी बढ़ने और प्लेटलेट्स की कमी के चलते उसे उच्च उपचार के लिए भेजा गया था। समय रहते एंबुलेंस स्टाफ की सतर्कता से सुरक्षित प्रसव हुआ। मां और नवजात बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। लेबर पेन पर हॉस्पिटल पहुंची थी महिला जानकारी के अनुसार नेतावल पाछली निवासी 25 वर्षीय मोनिका कंवर पत्नी प्रताप सिंह को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन महिला एवं बाल अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सक ने बीपी बढ़ा हुआ और प्लेटलेट्स कम बताते हुए महिला को उदयपुर रेफर कर दिया। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर उसे तुरंत रवाना किया गया। मेनार के पास बढ़ी प्रसव पीड़ा बताया जा रहा है कि एंबुलेंस मेनार के पास पहुंची ही थी कि महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। स्थिति ऐसी बन गई कि आगे ले जाना संभव नहीं था। आसपास कोई अस्पताल भी नहीं था। इस पर एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी राजू तरसिंह और चालक अविनाश सुथार ने वाहन को सड़क किनारे रोका और एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। ईएमटी ने आवश्यक चिकित्सीय सावधानियां बरतते हुए सुरक्षित डिलीवरी करवाई। कुछ ही देर में मोनिका ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मां-बेटी दोनों स्वस्थ प्रसव के बाद मां और नवजात की प्राथमिक जांच की गई। दोनों की स्थिति सामान्य मिलने पर एंबुलेंस से उन्हें उदयपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आगे की जांच और देखभाल की गई। फिलहाल मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। परिजनों ने बताया कि यह दंपति की दूसरी संतान है। पहले एक बेटा है और अब बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर एंबुलेंस स्टाफ की तत्परता, सूझबूझ और जिम्मेदारी को उजागर किया है।


