भास्कर न्यूज | जांजगीर ग्राम खम्हरिया, जिला सक्ती निवासी विजय कुमार यादव की मां दिल बाई यादव की मृत्यु बीमा अवधि में हुई थी। इसके बावजूद आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने दावा खारिज करते हुए कहा कि बीमाधारक ने बीमारी की जानकारी छिपाई थी और मृत्यु पॉलिसी लेने से पहले हो चुकी थी। विजय कुमार ने इस पर जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर में परिवाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी और महिमा सिंह ने दस्तावेजों और तर्कों का अध्ययन किया। जांच में पाया गया कि बीमा पॉलिसी में बीमा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए देने का प्रावधान था। दिल बाई यादव की मृत्यु बीमा लेने के बाद बीमा अवधि में ही हुई थी। बीमा लेते समय बीमारी की कोई गलत जानकारी नहीं दी गई थी। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने सेवा में कमी की है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता को बीमा राशि 20 लाख रुपए, मानसिक कष्ट के लिए 50 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए दे। यह राशि आदेश दिनांक से 45 दिन के भीतर देनी होगी। तय समय में भुगतान नहीं करने पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के तहत पारित किया गया।


