भास्कर न्यूज |लुधियाना शहर में स्कूल और कॉलेजों में नई एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होते ही शहर के सेवा केंद्रों में भारी भीड़ उमड़ रही है। रेजीडेंस प्रूफ, जाति प्रमाण पत्र और वजीफा संबंधी दस्तावेज बनवाने के लिए अभिभावकों की लंबी कतारें सुबह से ही लग रही हैं। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले प्रतिदिन 10 से 15 लोग इन कार्यों के लिए सेवा केंद्र पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 500 तक पहुंच गई है। आतम नगर, दुगरी, हैबोवाल समेत शहर के लगभग सभी सेवा केंद्रों में एक जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जरूरी दस्तावेज समय पर बनवाना चाहते हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों को सुबह से दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति को और गंभीर बना रही है कर्मचारियों की कमी। प्रत्येक सेवा केंद्र से दो-दो कर्मचारियों को दस लाख बीमा योजना के तहत गांवों में कैंप लगाकर कार्ड बनाने की ड्यूटी पर भेजा गया है। इसके चलते शहर के सेवा केंद्रों में दो कर्मचारियों की सीटें खाली पड़ी हैं। एक तरफ बीमा योजना का काम चल रहा है तो दूसरी तरफ जाति प्रमाण पत्र और रेजीडेंसी सर्टिफिकेट के लिए जनता का भारी दबाव है। इससे बचे हुए कर्मचारियों पर अचानक काम का बोझ बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बच्चों के वजीफा फॉर्म भरने के लिए समय पर दस्तावेज चाहिए, लेकिन भीड़ के कारण प्रक्रिया धीमी हो गई है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि अस्थायी रूप से अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए तो समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। इस संबंध में जब जोनल इंचार्ज कुलप्रीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने माना कि एडमिशन सीजन के कारण भीड़ बढ़ी है और कुछ कर्मचारी बीमा योजना के कैंपों में लगे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे डिप्टी कमिश्नर से बातचीत करेंगे और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


