पिछले साल आईपीएल से पहले सवाई मानसिंह स्टेडियम के रिनोवेशन पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। उस समय राजस्थान रॉयल्स ने स्टेडियम की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का कोई संदेह व्यक्त नहीं किया था। इस बार एक प्राइवेट एजेंसी से सर्वे कराकर सुरक्षा को खतरा बता दिया। अब राजस्थान रॉयल्स अप्रत्यक्ष रूप से सरकार और राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल पर दबाव बना रही है कि आईपीएल के दौरान अगर किसी भी तरह का कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी। इस संबंध में एक 700 पेज की सर्वे रिपोर्ट राजस्थान रॉयल्स ने दी है। राजस्थान रॉयल्स के इसी दबावपूर्ण रवैये के चलते सरकारी एजेंसियों पीडब्ल्यूडी और एमएनआईटी से स्टेडियम की सुरक्षा जांच कराई गई। इन एजेंसियों ने कुछ खामियां गिनाई, जिस पर फिर से काम शुरू हो गया है। फिर से करोड़ों रुपए का खर्च आएगा। ये सिलसिला हर आईपीएल से पहले होता है लेकिन स्टेडियम वैसा का वैसा ही है जैसा आज से 20 साल पहले था। अब सवाल यह उठता है कि यदि इस बार जयपुर को आईपीएल की मेजबानी मिली और खुदा न खास्ता कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। राजस्थान रॉयल्स तो पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ चुकी है। दूसरी ओर राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्रीनिवास, स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष नीरज के. पवन के साथ-साथ आरसीए भी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से संबंधित पत्र बीसीसीआई को लिख चुके हैं। इन सभी ने बीसीसीआई को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। संबंधित एजेंसियां ने जो भी खामियां गिनाई हैं उन पर सरकारी एजेंसियों ने टेंडर करके काम भी शुरू कर दिया है।


