पंजाब सरकार द्वारा DEO दफ्तर कर्मचारियों पर किए गए लाठीचार्ज की मोगा जिले में बी.एड अध्यापक फ्रंट पंजाब ने कड़ी निंदा की है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि कर्मचारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिसका कारण बड़ी वेतन कटौती और दोबारा लगाया गया तीन साल का परख काल (प्रोबेशन पीरियड) था। इस मौके पर फ्रंट के पंजाब प्रधान परगटजीत सिंह किशनपुरा ने एक प्रेस बयान में कहा कि लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को बिना शर्त नियमित करने के बजाय, मौजूदा सरकार पिछले चार वर्षों से कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रही है। इसी के विरोध में पंजाब भर के कर्मचारी सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। मांगों को लेकर किया प्रदर्शन उन्होंने मांग की कि दफ्तर कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के तुरंत पूरी तनख्वाह पर नियमित किया जाए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी वर्ग की अन्य महत्वपूर्ण मांगों का भी जल्द समाधान किया जाना चाहिए। फ्रंट ने अपनी मांगों में टीईटी की अनावश्यक शर्त को समाप्त करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, बकाया डीए जारी करने और कच्चे अध्यापकों को पूरी तनख्वाह तथा भत्तों सहित नियमित करने की बात भी उठाई। कई लोग मौके पर रहे मौजूद इस अवसर पर गुरमीत सिंह ढोलेवाल, देविंदर सिंह हराज, प्रदीप सिंह रखड़ा, गुरविंदर सिंह शादीवाल, बलदेव सिंह किशनपुरा, गुरमेल सिंह रेड़वां, बलराज कुमार बद्धनी, कंवरजीत सिंह चन्नुवाल, कुलदीप कौर, रमणदीप कौर, हर्ष ज्योति और जतिंदर कौर सहित कई अन्य अध्यापक उपस्थित थे।


