जोधपुर में महिला मरीज की तबीयत खराब होने पर परिजन स्कूटी पर बैठाकर सीधे अस्पताल के इमरजेंसी गेट तक ले गए। जहां गेट पर मौजूद गार्ड ने जब उन्हें रोका और कारण पूछा तो परिजन ने कहा—“पेशेंट को सांस की तकलीफ है, चलकर अंदर नहीं आ सकती।” इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। यह दृश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सुविधाओं पर कई सवाल खड़े कर रहा है। ये पूरा वाकया जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल का है। पहले देखिए, मामले से संबंधित ये PHOTOS अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर स्कूटी लेकर पहुंचे परिजन दरअसल, हुआ यूं कि गुरुवार रात को परिजन स्कूटी पर एक बुजुर्ग महिला पेशेंट को अस्पताल लेकर पहुंचे। स्कूटी पर तीन लोग सवार थे और बीच में बैठी महिला को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऐसे में वह स्कूटी को ट्रॉमा सेंटर के आगे से लेकर मेडिसन इमरजेंसी के गेट पर लेकर पहुंच गए। वहां पर गार्ड ने उन्हें टोका और स्कूटी अंदर लाने के बारे में पूछा तो वह कहने लगा कि महिला पेशेंट को सांस लेने में दिक्कत है और वह चलकर नहीं आ सकती, इसलिए स्कूटी अंदर ले आएा। इसके बाद वे स्कूटी बाहर लेकर चले गए। गेट पर तैनात रहते हैं गार्ड गौरतलब है कि ट्रॉमा सेंटर के बाहर गार्ड तैनात रहते हैं। बताया जा रहा है कि जब स्कूटी पर पेशेंट को लेकर मेडिसिन इमरजेंसी में ले जाया गया। इस दौरान गार्ड ट्रॉमा सेंटर के अंदर थे। ऐसे में व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


