बुरहानपुर की रेणुका झील को अमृत योजना 2.0 के तहत नए रूप में विकसित किया जा रहा है। इस काम पर करीब 1 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गुरुवार दोपहर नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने झील में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मोहम्मदपुरा गांव से आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए एक खास चेंबर बनाया गया है, ताकि अब सीवरेज का पानी झील में न जा सके। वॉक वे भी बनाया जाएगा
झील के चारों ओर सुरक्षा और मजबूती के लिए गैबियन संरचना और स्टोन पिचिंग का काम किया जाएगा। इसके साथ ही लोगों के घूमने के लिए वॉक वे बनाई जाएगी। झील में मछलियों के बीज भी डाले जाएंगे। झील को सुंदर बनाने के लिए यहां तीन फव्वारे लगाए जाएंगे और 1750 पौधे लगाए जाएंगे। इससे झील और उसके आसपास का वातावरण और भी बेहतर होगा। आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पहले झील की हालत खराब थी, लेकिन अब अमृत योजना 2.0 के तहत इसका पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है। इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। भविष्य में झील में बोटिंग की सुविधा शुरू करने की योजना है। इससे रेणुका झील शहर का एक अच्छा पिकनिक और घूमने का स्थान बन सकेगी। झील में होंगे ये काम गैबियन संरचना, स्टोन पिचिंग, वॉक वे, और फिश सीडलिंग्स का कार्य प्रस्तावित। सौंदर्यीकरण के लिए 3 फव्वारे, 480 मीटर रेलिंग, और 1750 पौधों का रोपण किया जाएगा। एसटीपीसी से उपचारित जल लाने वाली पाइपलाइन का 75 प्रतिशत कार्य पूरा। मोहम्मदपुरा से आ रहे सीवेज वॉटर को रोकने के लिए नाले का डायवर्सन कर स्टॉप डेम के बाहर छोड़ा जाएगा।


