बुरहानपुर में कलेक्ट्रेट में आयोजित जन सुनवाई के दौरान एक निःशक्त आदिवासी महिला अपने आंखों से निःशक्त पति के साथ पहुंची। उन्होंने अधिकारियों से अपनी बंद पेंशन फिर से शुरू करने और पति के लिए भी पेंशन स्वीकृत करने की मांग की। नेपानगर क्षेत्र के ग्राम बाकड़ी की निवासी इस महिला ने बताया कि उनकी निःशक्त पेंशन काफी समय से बंद है। उन्होंने कई बार आवेदन किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला के पति तेनु आंखों से निःशक्त हैं और उन्हें आज तक पेंशन नहीं मिली है। दंपती ने अधिकारियों को बताया कि उनके पास रहने के लिए अपना घर नहीं है और वे भीख मांगकर गुजारा करते हैं। एक व्यक्ति ने उन्हें रहने के लिए जगह दी है। अधिकारियों ने दंपती को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द निराकरण किया जाएगा। तेनु ने बताया कि अधिकारियों ने पंचायत के माध्यम से समस्या हल करने की बात कही है।


