बुरहानपुर शहर में रविवार रात एक धार्मिक जुलूस के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने इंदौर निवासी मनोज परमार और बुरहानपुर निवासी अमित वारूडे के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 196 (1) (a) और 299 के तहत देर रात करीब 2 बजे एफआईआर दर्ज की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समाज के वरिष्ठजनों की सक्रियता से शहर का माहौल बिगड़ने से बच गया। एहतियात के तौर पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया, और एसपी देवेंद्र पाटीदार भी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। आजाद नगर निवासी सैययद रफीक (44) ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज परमार और अमित वारूडे ने मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत कर शहर की शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता सैययद रफीक ने बताया कि 15 फरवरी रविवार रात करीब 8:45 बजे वह जामा मस्जिद में नमाज पढ़कर अपने मित्रों सैययद इसाक अली और शेख सलीम के साथ बाहर आए थे। उन्होंने देखा कि महाशिवरात्रि पर्व का एक जुलूस कोतवाली थाने की तरफ से फूल चौक की ओर जा रहा था। जुलूस में एक चार पहिया वाहन पर लगे साउंड सिस्टम से आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषण दिए जा रहे थे। सैययद रफीक के अनुसार, इन भाषणों से मुस्लिम समाज के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और शहर की शांति व्यवस्था तथा विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्यता बिगाड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम के वीडियो बनाए गए हैं, जिन्हें वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा गया है। शिकायत में यह भी आरोप है कि अमित वारूडे ने मनोज परमार से यह भड़काऊ भाषण दिलवाया। इसलिए अनावेदकों के विरूध्द कठोर से कठोर कार्यवाही की जाये ताकि भविष्य में कोई भी किसी भी प्रकार से शांति भंग व धार्मिक भावनाओ का आहत करने का प्रयास न करे। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।


