बुरहानपुर की खकनार पुलिस ने हथियार तस्करों को छुड़ाने का प्रयास करने वाले एक फरार आरोपी गुरुचरण सिकलीगर को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी पर बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक ने 10,000 रुपए का इनाम घोषित किया था। यह मामला तब सामने आया जब खकनार पुलिस ने एसटीएफ भोपाल से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे दो इनामी हथियार तस्करों, शेरसिंह और सरताज सिकलीगर को डोईफोडिया स्थित कलाल धर्मशाला से पकड़ा था। इन दोनों पर 30,000-30,000 रुपए का इनाम घोषित था। दो तस्करों को छुड़ाने की कोशिश की थी
शेरसिंह और सरताज की गिरफ्तारी के दौरान, उनके साथी गुरुचरण, शमशेर और वीरेंद्र सिकलीगर ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए दोनों तस्करों को छुड़ाने का प्रयास किया। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। पुलिस ने शेरसिंह और सरताज को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन गुरुचरण और उसके साथी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद, फरार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। घटना के बाद से गुरुचरण फरार चल रहा था। 10 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई, जिसने गुरुचरण को पाचौरी से मातानदी की ओर आते समय घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ के बाद गुरुचरण को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिषेक जाधव के साथ मनीष कुमार, सतीश सूर्यवंशी, सुनील धुर्वे, रूपेश शर्मा, विजेंद्र देवल्ये, सबल देवड़ा और मंगल पालवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


