बूंदी में ‘प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026’ और ‘सम्पूर्ण स्वच्छ जिला’ बनाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया है। एडीएम रामकुमार मीणा और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा ने कलेक्ट्रेट से नुक्कड़ नाटक स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रत्येक पंचायत में जाकर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा जागरूक
यह स्वच्छता रथ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त और कचरा मुक्त वातावरण बनाने में सहायक होगा। इसके माध्यम से गांव-गांव में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें आमजन, दुकानदार और वाणिज्यिक संस्थाओं को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बैठकों, रात्रि चौपालों और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्कूली विद्यार्थी प्लास्टिक कचरा संग्रह करेंगे, जिसके लिए प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जाएंगे। कचरे से कलाकृतियां बनाने की होगी प्रतियोगिताएं
इसके अलावा कचरे से कलाकृतियां बनाने, ‘मेरा गांव प्लास्टिक कचरा मुक्त गांव’ विषय पर पोस्टर बनाने, प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभाव पर निबंध लेखन, कपड़े के बैग पर डिजाइन बनाने की चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। पर्यावरण सुरक्षा और प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के महत्व पर केंद्रित बच्चों के लिए कहानी सुनाने के सत्र भी रखे जाएंगे। अभियान के तहत 18 फरवरी 2026 को दुकानदारों और वाणिज्यिक संस्थाओं के आसपास से प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया जाएगा। इन संस्थाओं को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए जागरूक किया जाएगा, और इसका उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा।


