बूंदी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 10 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए कुल 37 खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में इन खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने संभावित आवक को ध्यान में रखते हुए सरकारी के साथ-साथ निजी गोदामों को भी चिह्नित करने को कहा, ताकि भंडारण में कोई बाधा न आए। गोदारा ने टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी करने और बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को भी सुचारू रखने पर जोर दिया। कलेक्टर ने बताया कि भीड़ से बचने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खरीद केवल टोकन व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी। गेहूं खरीद के लिए उपखंड अधिकारी स्तर पर एक ‘क्रय केंद्र समिति’ का गठन किया जाएगा। इस समिति में संबंधित क्रय एजेंसी के केंद्र प्रभारी, हल्का पटवारी/गिरदावर, कृषि पर्यवेक्षक और बीट कॉन्स्टेबल शामिल होंगे। उन्होंने खरीद केंद्रों पर छाया, पानी, ड्रायर, क्लीनर, मॉइस्चर (नमी मापक) मशीन, रोशनी और त्रिपाल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिला रसद अधिकारी देवराज रवि ने जानकारी दी कि जिले में कुल 37 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इनमें भारतीय खाद्य निगम के 9, राजफेड के 19, तिलम संघ के 8 और नेफेड का एक खरीद केंद्र शामिल है।
बैठक में प्रवर्तन निरीक्षक शिवजीराम जाट, एफसीआई के डिवीजनल मैनेजर पराग मुद्गल और भरत सिंह सोलंकी सहित खरीद व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


