बूंदी में ‘पंच गौरव योजना’ के अंतर्गत ‘एक जिला-एक खेल कबड्डी प्रतिभा खोज’ अभियान के तहत जिला स्तरीय 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ खेल संकुल में हुआ।
यह शिविर 17 फरवरी से 3 मार्च तक चलेगा। इसमें ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित 25 बालक और 25 बालिकाएं, कुल 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस आवासीय शिविर में खिलाड़ियों को कबड्डी की मूलभूत तकनीकों के साथ-साथ उन्नत रेडिंग तकनीक, डिफेंसिव टैकल, चेन सिस्टम, कॉर्नर व कवर पोजीशनिंग, बोनस लाइन रणनीति और मैच सिचुएशन मैनेजमेंट का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों की फुटवर्क, रिफ्लेक्स, स्टैमिना, संतुलन और मैट फिटनेस पर भी सघन अभ्यास कराया जाएगा। खिलाड़ियों की कमियों को सुधारने पर रहेगा जोर
शिविर में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ प्रशिक्षक खिलाड़ियों को आधुनिक कबड्डी के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों में आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने में सक्षम बनाना है। अभ्यास सत्रों में नियमित मॉक मैच और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से खिलाड़ियों की कमियों को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह शिविर पूर्णतः आवासीय है, जिसमें प्रतिभागियों के आवास, भोजन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की गई है। सभी खिलाड़ियों को खेल किट, ट्रैकसूट एवं मैट शूज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे व्यवस्थित एवं पेशेवर वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारा जाएगा
जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह चुंडावत ने बताया कि यह शिविर ग्रामीण अंचलों से उभरती प्रतिभाओं को व्यवस्थित तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि कबड्डी केवल शक्ति का खेल नहीं, बल्कि फुर्ती, रणनीति और टीम समन्वय का संतुलित संगम है।
विशेषज्ञ प्रशिक्षण से खिलाड़ी अपने खेल में तकनीकी परिपक्वता प्राप्त करेंगे और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार करेंगे। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया। शिविर अवधि के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।


