बूंदी में गुरुवार सुबह 9 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर लगभग 60 मीटर रह गई। इसके चलते सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
जिले में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 2 सप्ताह तक कड़ाके की ठंड जारी रहने का अनुमान जताया है। फरवरी के पहले सप्ताह में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। फसल खराबी के मुआवजे की मांग
इधर जिले में फसल खराबी के बाद किसान बीमा कंपनियों और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनियां उनके साथ धोखाधड़ी कर रही हैं। उनका कहना है कि अब बीमा पॉलिसी में फसल कटाई के समय ही खराबी का आकलन किया जाता है, जबकि पहले फसल खराब होने की अवस्था के अनुसार मुआवजे का आकलन होता था। किसानों ने सरकार द्वारा पॉलिसी बदलने पर नाराजगी जताई है। जनप्रतिनिधियों ने सर्वे की मांग उठाई
फसल खराबी के सर्वे की मांग कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई है। भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराने की मांग की। कांग्रेस विधायक सीएल प्रेमी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे करवाने की मांग की। करवर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को पत्र भेजकर किसानों को राहत प्रदान करने का आग्रह किया। कई गांवों के ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर अपनी फसलों में 70 से 80 प्रतिशत तक खराबी होने की जानकारी दी है।


