सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में शुक्रवार को रायपुर एम्स की बदहाली का मामला उठाया। उन्होंने में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अस्पताल में बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल दागे। अग्रवाल ने कहा कि एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता। एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल
रही हैं। आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने जवाब दिया कि एम्स रायपुर में 33 विभागों में 1098 बिस्तर हैं। यहां मई से सितंबर 2024 तक केवल 6 महीनों में ही 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। मरीजों का रेफरल मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है। एम्स प्रबंधन को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दी गई है।


