वाराणसी में बेटिंग-गेमिंग ऐप के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो गुर्गों को साइबर क्राइम टीम ने दबोच लिया। निवेश के नाम पर ठगी करने वाले दोनों आरोपियों ने अब तक कई लोगों को शिकार बनाया है। उनके खातों में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये में लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने दोनों के खाते सीज करा दिए हैं और रिमांड पर लेकर उनसे रिकवरी कराएगी। आरोपियों ने पंचक्रोश सारनाथ निवासी श्वेता जायसवाल से पिछले दिनों 7.15 लाख रुपये ठगे थे। इसके बाद और रुपये ठगने की फिराक में थे लेकिन बाद में अचानक नंबर बंद कर दिए, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को दबोच लिया, वहीं उनके नेटवर्क और ठगने के तरीके भी जाने। दोनों को साइबर थाने लाकर रखा गया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वाराणसी में साइबर पुलिस ने बेटिंग-गेमिंग ऐप में निवेश के नाम पर ठगी करने वालों की शिकायत पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शिकायत सारनाथ के पैगंबरपुर निवासी श्वेता जायसवाल ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि साइबर ठगों ने बीते मई में ही 7.15 लाख ठग लिये थे, कई दिनों तक झांसा दिए रहे। तीन महीने बाद फिर और पैसे मांगने लगे। प्रकरण में उन्होंने शुक्रवार रात साइबर थाने में केस दर्ज कराया था। साइबर पुलिस ने छानबीन शुरू की, जिस खाते में पैसे गये थे, उनका कनेक्शन ढूंढ़ना शुरू किया तो दो शातिर वाराणसी के ही निकले। पुलिस ने रामनगर के रामपुर-सुल्तानपुर निवासी विनोद कुमार शर्मा, भगवानपुर निवासी राजेश कुमार पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों गेमिंग और बेटिंग एप में अच्छा मुनाफा का लालच देकर लोगों से रुपये निवेश कराते थे। इसके बाद रुपये ठग लेते थे, आरोपियों के पास से 33 हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके साथ ही कई अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली, जिसके खाते से लाखों रुपये ठगे गए थे। पुलिस आज दोनों को कोर्ट में पेश करेगी। गैस कनेक्शन अपडेट के बहाने ठगे 11 लाख, पुलिस ने लौटवाए वाराणसी साइबर पुलिस टीम ने शनिवार को गेल गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर रिमोट एक्सेस एप से ठगे गए 11,18,300 रुपये पीड़ित को वापस मिल गए। साइबर पुलिस ने शिकायत के बाद बैंक के जरिए 11 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसेक्शन कराए। रुपये पाकर दंपती गदगद दिखे और पुलिस को धन्यवाद दिया। सुंदरपुर चितईपुर निवासी पीड़िता सुनीता तिवारी पत्नी ओमप्रकाश तिवारी को 12 दिसंबर दोपहर एक अनजाने नंबर से फोन आया और कॉलर ने खुद को गेल गैस एजेंसी से बताया। पीड़िता को गैस कनेक्शन अपडेट कराने की बता कही, ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी। कॉलर ने नाम और गैस कनेक्शन का फर्जी कोड नंबर भी बताया और इसके बाद मैसेज किया। पीड़िता से ओटीपी पूछकर घरेलू गैस कनेक्शन अपडेट कराने के लिए रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया, इसके जरिए उनके मोबाइल का अवैध रूप से एक्सेस प्राप्त कर लिया। आरोपी ने उनके साथ कुल 12 लाख 98 हजार 920 रुपये.की साइबर ठगी कर ली। अलग-अलग खाता नंबरों पर राशि ट्रांसफर की गई और फिर सुनीता का खाता खाली हो गया। पीड़िता ने पुलिस और साइबर टीम को फोन कर घटना की जानकारी दी और ऑनलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। केस की जिसकी विवेवना निरीक्षक विपिन कुमार ने की और बैंकिंग संस्थान, पेमेन्ट गेटवे आदि से सम्पर्क करते ठगे गए रुपयों में से 11,18,300 रुपए वापस कराए।


