अलवर| कथा वाचक डॉ. शिवम साधक महाराज ने कहा कि भाग्यशाली लोगों के यहां पुत्र होता है। जो सौभाग्यशाली होते हैं, उनके घर लेती है पुत्री जन्म लेती है। पुत्र के जन्म लेने पर ही नहीं पुत्री के जन्म लेने पर भी उत्सव मनाना चाहिए। वे शिव साधक सेवा समिति की ओर से अपनाघर शालीमार स्थित राम मंदिर में आयोजित शिव कृपा आनंद महोत्सव के तहत शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे थे। उन्होंने पार्वती जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पार्वती ने बचपन से ही भगवान शंकर को प्राप्त करने के लिए निरंतर तप किया। सबसे बड़ा तप सत्य का पालन करना है। रात को हिंडौला उत्सव और भजन संध्या का आयोजन हुआ। साधक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. एससी मित्तल ने बताया कि रविवार को भगवान शिव की बारात निकाली जाएगा।


