कोरिया जिले के जनकपुर में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल देखने को मिला। महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर बेमेतरा जिले की स्व सहायता समूह की महिलाएं जनकपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। कोरिया महिला गृह उद्योग की अध्यक्ष नीलिमा चतुर्वेदी ने बताया कि बेमेतरा जिले के बीडीओ और महिला समूह को दिशा दर्शन के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन, कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास अधिकारी का आभार व्यक्त किया। बेमेतरा से आई सीता चंद्रवंशी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जनकपुर की महिलाएं अचार, पापड़ और बड़ी जैसे घरेलू उत्पाद बनाकर न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। बेमेतरा की निशा और उनकी टीम ने जनकपुर में कोरिया महिला गृह उद्योग के कार्यों का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कोरिया महिला गृह उद्योग अपने अनूठे कार्यों के लिए जाना जाता है। नीलिमा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह संस्था महिलाओं को स्वावलंबी बना रही है। इस भ्रमण से प्रेरित होकर बेमेतरा की महिलाओं ने अपने क्षेत्र में भी ऐसी ही पहल करने का संकल्प लिया। ‘आवा पानी झोंकी’ अभियान शुरू इसके अलावा कोरिया जिला प्रशासन ने जल संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की है। प्रशासन ने ‘आवा पानी झोंकी’ यानी ‘आओ सब मिलकर पानी को रोकें’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। कलेक्टर के नेतृत्व में सोनहत विकासखंड में एक सफल प्रयोग किया गया। ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर नाले में बोरी बांधकर जल संरक्षण किया गया। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 28 मार्च को बैकुंठपुर विकासखण्ड के पोटेडांड और डोहडा गांव में जन चौपाल होगी। केंद्र सरकार के ‘नारी शक्ति से जल शक्ति’ अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना है। भारतीय समाज में महिलाएं घरेलू काम से लेकर खेती तक में सबसे ज्यादा पानी का उपयोग करती हैं। अभियान के तहत कई गतिविधियां होंगी। इनमें गांव स्तर पर जन चौपाल, स्वयंसेवकों का चयन और जन प्रतिनिधियों की भागीदारी शामिल है। जल बहिनी दल वाटर लेवल का सर्वे करेगा। जल स्रोतों की मैपिंग के लिए ट्रांजिट वॉक होगा। जिला प्रशासन ने इस विषय पर एक कार्यशाला और मैदानी भ्रमण भी कराया है। आने वाली ग्राम बैठकों में जल संरक्षण की ठोस योजना पर काम होगा।


