भास्कर न्यूज | संगम पखांजूर क्षेत्र में हुई तेज बारिश और हवा के कारण मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। इस संकट के चलते कई किसान चिंतित और डरे हुए हैं, क्योंकि अब तक अधिकांश गांवों में पटवारी नहीं पहुंचे हैं और न ही नुकसान का सही आकंलन किया गया है। ऐसा ही संगम इलाके का है। किसानों ने कहा पटवारी कई किसानों के खेत पहुंच रहे हैं तो कई किसानों को फोटो खींच कर भेज देने कहा जा रहा है। कारेकट्टा जनपद सदस्य मैनू राम किरंगे ने कहा इस हल्का पटवारी का रवैया बेहद गलत है। किसानों की परेशानी को देखते हुए सभी हल्का पटवारी मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें, ताकि नुकसान का सही आकंलन हो सकें और शासन की ओर से मिलने वाली मुआवजा मिल सके। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कोयलीबेड़ा जनपद अध्यक्ष श्यामबत्ती मंडावी ने गांव-गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया। वे पुसगुट्टा गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि बारिश और हवा के कारण उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जनपद अध्यक्ष मंडावी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगी और मुआवजे की मांग करेंगी। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द पटवारियों को गांवों में भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।


