किसान की जमीन को कम कीमत पर नीलाम करने के मामले में भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने सहकारी बैंक के चार पूर्व अधिकारियों सहित छह को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। बैंक के तत्कालीन विक्रय अधिकारी विजेंद्र कौशल, संयुक्त पंजीयक अशोक मिश्रा, सहकारिता निरीक्षक एपीएस कुशवाह के साथ सेज ग्रुप के मालिक संजीव अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल को भी दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। बकानिया गांव के किसान अशोक शर्मा ने 1995 में मोटर और पंप के लिए सहकारी बैंक से 29 हजार रुपए का कर्ज लिया था। कर्ज नहीं चुकाने पर अफसरों ने 2007 में उनकी 4.92 एकड़ कृषि भूमि केवल 1 लाख 50 हजार रुपए में नीलाम करा दी। लोकायुक्त ने इस मामले में केस दर्ज किया था। लोकायुक्त की जांच में पाया कि बैंक अधिकारियों ने नीलामी के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई। कागजात में हेराफेरी कर जमीन को कम कीमत पर बेची। किरण अग्रवाल और गिरीश लुल्ला की पत्नी कोमल लुल्ला ने बैंक अधिकारियों से मिलकर जमीन खरीदी। हालांकि, कोर्ट को उन्होंने बताया था कि नीलामी में भाग लेकर प्रक्रिया के तहत खरीदी है। स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों को धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के लिए दोषी माना।


