बैंक चोरी मामले में मोबाइल-बाइक बरामद नहीं कर पाई पुलिस:ग्राहकों के जेवर वापसी के लिए टीम गठित, पुलिस मूवमेंट को देखने के बाद की थी घटना

लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर मटियारी तिराहे के पास इंडियन ओवरसीज बैंक से 42 लाकर काटकर करोड़ों के जेवर चोरी होने के मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को पकड़ लिया है। मामले में 6 सातवें आरोपी की तलाश में उसके घर के आसपास दबिश दे रही है। बता दें जिस मोबाइल नंबर से आरोपियों तक पुलिस पहुंची है, वो अभी तक बरामद नहीं हो सका है। वहीं बैंक से चोरी हुए सामान को लेकर ग्राहकों से उनके सामान की वापसी के लिए टीम गठित की गई है। अब तक छह किलो सोना, साढ़े 12 किलो चांदी, 13 लाख से ज्यादा रुपए बरामद हो चुके हैं। घटना में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल बरामद नहीं कर सकी पुलिस बैंक में चोरी के मामले में मास्टमाइंड सहित 6 लोगों को पुलिस पकड़ चुकी है। लेकिन जिस मोबाइल व सिम से पुलिस आरोपियों को पकड़ने के दावा कर रही है। वो अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। इसके अलावा आरोपियों के पास से मिली दो कारों के मालिक की जानकारी भी नहीं जुटा पाई है। पुलिस का कहना है चेचिस नंबर के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा जिस बाइक का घटना में इस्तेमाल किया गया उसका भी कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस अब सातवें आरोपी की तलाश में बिहार साहित अन्य जगहों पर दबिश दे रही है। वहीं पकड़े गए आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी में हैं। रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी पूछताछ पुलिस अब बदमाशों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। गिरोह के मास्टरमाइंड विपिन से पूछताछ के लिए गाजीपुर कोर्ट में वारंट बी दाखिल करेगी। इसके बाद उसे रिमांड पर लेगी। अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक चारों बदमाशों को रिमांड पर लेकर आमने सामने पुलिस टीम पूछताछ करेगी। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि बदमाशों ने इंदिरानगर तकरोही स्थित होटल कैसे पहुंचे। कौन-कौन मददगार है। लॉकर काटकर निकाला गया अन्य माल कहां है? उसके बारे में जानकारी जुटाकर बरामदगी की जाएगी। इसके अलावा उन्हें घटनास्थल बैंक ले जाया जाएगा। पूरी घटना का रिक्रिएशन कराया जाएगा। जेवरों की पहचान के लिए टीम गठित एसीपी विभूतिखंड राधा रमण सिंह ने बताया कि एक कमेटी गठित करके बैंक से डाटा मांगा गया है कि वह ग्राहकों से पूछे कि किसके कितने जेवर थे? किस क्वालिटी के थे? कमेटी बैंक से बात करके, ग्राहकों से जेवरों से संबंधित सबूत लेकर यह पता लगाएगी कि किस ग्राहक के कितने जेवर थे? जेवरों की बनावट कैसी थी? उनका वजन कितना था? यह ब्यौरा मिलने के बाद ग्राहकों से जेवरों की पहचान कराई जाएगी। पहचान होने के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिर जेवर उनके मालिकों को दिए जाएंगे। आरोपियों के पास मिले जेवरों का परीक्षण एक एजेंसी से कराया जा रहा है। जिससे जेवर के असली नकली होने का पता चल सकेगा। परिजनों ने बातचीत करने से किया इंकार किसानपथ पर जल सेतु पुल के पास मंगलवार रात मुठभेड़ में मारे गए सोबिंद का शव लेकर बुधवार को उसके परिवारीजन पैतृक आवास मुंगेर बिहार के लिए रवाना हो गए। बैग में जेवर और नकदी भरकर कार से भाग रहा था। इस बीच मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस को बैग से चार किलो से अधिक सोने, 10 किलो से ज्यादा चांदी के जेवर और नौ लाख से अधिक रुपए बरामद हुए थे। परिजनों ने किसी से कोई बातचीत नहीं की। दोनों समय रेकी करके पुलिस की मूवमेंट को समझा पुलिस पूछताछ में विपिन ने बताया कि उसने शनिवार को रात वारदात करने से पहले चार दिन तक बैंक की रेकी की थी। रेकी दिन और रात दोनों समय में की थी। पुलिस का मूवमेंट रात में कम मिलने के कारण रात 12:30 से तड़के चार बजे तक वारदात की थी।

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