रिम्स शासी परिषद (जीबी) की मंगलवार को बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी शामिल हुए। लेकिन नौ माह पहले जुलाई 2024 में हुई रिम्स शासी परिषद की पिछली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कैंसर विभाग में इमरजेंसी सेवा शुरू करने का था, जिस पर रिम्स ने विज्ञापन निकाला था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अभी रुकी हुई है। इसी तरह 70 साल तक के रिटायर्ड डॉक्टरों को अनुबंध पर रखने पर भी सहमति बनी थी, लेकिन अभी किसी रिटार्यड डॉक्टर की सेवा नहीं ली जा रही है। इसी तरह रिम्स के सुचारू रूप से संचालन के लिए 4 हॉस्पिटल मैनेजर और एक प्रोटोकॉल ऑफिसर की नियुक्ति होनी थी। लेकिन इस पर भी कोई बहाली नहीं की गई, रिम्स के ही कुछ चिकित्सकों को अपर चिकित्सा अधीक्षक और अतिरिक्त उपाधीक्षक का प्रभार दे दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि जीबी की बैठक में लिए गए निर्णयों को धरातल पर उतारना ही नहीं है तो बैठक करने का क्या मतलब है। क्योंकि पिछली बैठक में लिए गए कार्य पूरे नहीं हुए और अगली बैठक में फिर नए निर्णय ले लिए गए। ऐसे में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा कैसे मिलेगी? जीबी में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले… पिछली बैठक में लिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय और उनकी स्थिति… ऑन्कोलॉजी में इमरजेंसी विभाग के लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों की नियुक्ति करने पर सहमति बनी। स्थिति : नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया है, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अभी रुकी हुई है। रिम्स के केली बंगले को हेरिटेज भवन के रूप में संरक्षित करने का निर्णय लिया गया। स्थिति : इस पर भी काम नहीं हुआ है। अब भी केली बंगला पूर्व की तरह है। रिम्स के संचालन के लिए 4 हॉस्पिटल मैनेजर और एक प्रोटोकॉल ऑफिसर की नियुक्ति होगी। स्थिति : इन पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है। कुछ पदों पर चिकित्सकों को ही प्रभार दिया गया है। संविदा के आधार पर रिम्स में डायटिशियन की नियुक्ति करने पर भी सहमति बनी। स्थिति : नौ महीने बाद भी संविदा पर डायटिशियन की नियुक्ति नहीं हुई है। 70 साल तक के रिटायर्ड डॉक्टरों को अनुबंध पर रखने की सहमति बनी। स्थिति : रिम्स वर्तमान में एक भी रिटायर्ड चिकित्सक की सेवा नहीं ले रहा है। इधर, जीबी की बैठक में मंत्री ने कहा- रिम्स ओपीडी अब शाम 6 बजे तक चलेगी रिम्स शासी परिषद की बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स आने वाले मरीजों को एक घंटा अतिरिक्त चिकित्सीय परामर्श मिलेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। शाम 5 से 6 बजे तक ओपीडी में एक्सपर्ट चिकित्सक परामर्श देंगे। इन्हें वेतन के अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। यानी यह ओपीडी पेड ओपीडी के रूप में संचालित होगी। बताते चलें कि यदि यह व्यवस्था लागू हो गई तो करीब 300 से 400 अतिरिक्त मरीज विभिन्न विभागों में परामर्श ले सकेंगे। अभी दिन भर में औसतन 2200 मरीज चिकित्सीय परामर्श लेते हैं। वर्तमान में करीब 400 होमगार्ड जवान रिम्स में कार्यरत हैं। इनमें से आधे को हटाया जाएगा। इनकी जगह 200 निजी सुरक्षाकर्मियों की सेवा ली जाएगी।


