बैतूल के आमला में सड़क निर्माण और सफाई व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर के विरोध में आज (मंगलवार) कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और थाने पहुंचकर कलेक्टर के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ग्राम रतेड़ाकलां और तिरमहू के ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम रतेड़ाकलां के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से लादी-सारणी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। तीन साल पहले सड़क का भूमिपूजन हो चुका है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ। इसी उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामीणों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम किया था। इन नेताओं पर दर्ज हुआ था केस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने 6 फरवरी को कांग्रेस नेता जितेंद्र शर्मा, अर्जुन उईके, मनीराम कुमरे, दुर्गेश यादव, विजय पारधी, ओझा महाजन, मनोज यादव, राजेश सरिया, मुकेश यादव, राजू सीलू और जियालाल यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। ‘भाजपा नेता भी थे शामिल, पर केस सिर्फ हम पर’ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तिरमहू गांव में सफाई व्यवस्था की मांग कर रहे ग्रामीणों पर भी 7 फरवरी को कोटवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें रविकांत उघड़े, संतोष वराथे, नितिन सारटकर, मनोज ठाकरे, भाऊराव सारटकर सहित छह लोग शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि दोनों प्रदर्शनों में कई भाजपा नेता भी शामिल थे, लेकिन एफआईआर सिर्फ कांग्रेसियों पर की गई। तिरमहू में एक स्कूली बच्चे का नाम भी एफआईआर में शामिल कर लिया गया है। ‘प्रशासन अपना रहा दमनकारी रवैया’ कांग्रेस सेवादल विधानसभा प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा, “जनता की बुनियादी मांग उठाना अपराध नहीं है, लेकिन प्रशासन दमनकारी रवैया अपना रहा है। जब तक सभी ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।” आज हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता मनोज मालवे, विजेंद्र भावसार, मनोज देशमुख, जितेंद्र शर्मा, विजय पारदी, रविकांत उघड़े और महेंद्र सिंह परमार ने किया।


