जांजगीर-चांपा में मनरेगा के नाम और नियमों में बदलाव के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और छत्तीसगढ़ कांग्रेस सह प्रभारी विजय जांगिड़ के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से लगाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया। वे बैरिकेड हटाकर कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंच गए। इस दौरान टीन के बैरिकेड हटाने के प्रयास में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। बाद में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही प्रदर्शन समाप्त हो गया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा योजना मजदूरों को रोजगार सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाई गई थी। सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी कांग्रेस उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इसके नाम और प्रावधानों में बदलाव कर मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा को मूल स्वरूप में लागू कराने के लिए सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। जनता को भ्रमित किया जा रहा छत्तीसगढ़ कांग्रेस सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम और नियम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। जांगिड़ ने चेतावनी दी कि जब तक योजना को पूर्व स्वरूप में लागू नहीं किया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा। जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने बताया कि प्रशासन ने आंदोलन को रोकने के लिए टीन का सुरक्षा घेरा लगाया था, लेकिन कांग्रेस ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया।


