बॉर्डर पर धमाकों की दहशत में दिखा जज्बा: गोलियों की बारिश में बचे ग्रामीण बोले – डर कर नहीं, डट कर रहेंगे

अमृतसर । कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और मंत्री मोहिंदर भगत ने पाकिस्तानी गोलीबारी से प्रभावित अजनाला अधीन आते गांवों का दौरा किया। कैबिनेट मंत्रियों ने सीमावर्ती लोगों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की। धालीवाल ने कहा कि पाकिस्तान ड्रोन/मिसाइल हमलों के माध्यम से पंजाब में आम नागरिकों को प्रभावित करने की भी असफल कोशिश कर रहा है। हमारी सेनाएं वर्तमान में हवाई हमलों को नष्ट कर रही हैं, लेकिन हमें अपनी रक्षा भी करनी होगी। आपातकालीन स्थितियों पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए अजनाला शहर के फायर ब्रिगेड स्टेशन और बाजारों में दुकानों का दौरा किया। दुकानदारों से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की नवीनतम स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध की स्थिति में उपभोक्ताओं की मजबूरी का फायदा उठाने वाले जमाखोरों और कालाबाजारियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष भट्टी जसपाल सिंह ढिल्लों, नगर अध्यक्ष अमित औल, व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश महाजन, अमित पुरी आदि मौजूद रहे। राजन गोसाईं | अमृतसर सरहदी गांवों में 9-10 मई की रात गोलियों और बम धमाकों की जो गूंज सुनाई दी, उसने गांवों की नींद ही नहीं, भरोसा भी हिला दिया। लेकिन इसी दहशत के बीच एक ऐसा जज्बा भी दिखा, जो बताता है कि इन गांवों के लोग हालात से डरते नहीं, हालात को जवाब देना जानते हैं। गांव बल्लड़वाल, खानवाल, सारंगदेव और मंड एरिया के लोग कह रहे हैं – “हम डर कर नहीं, डट कर रहेंगे।’ गांव के लोगों ने बताया कि पाकिस्तानी फायरिंग की आवाजें लगातार आ रही थीं, लेकिन भारत की तरफ से जब जवाबी कार्रवाई हुई तो उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। गांववालों ने महसूस किया कि हमारी सेना का जवाब कहीं ज्यादा असरदार और तेज़ था। बल्लड़वाल के मेंबर पंचायत परमजीत सिंह ने कहा कि धमाकों के बीच जो सबसे बड़ा डर लगा, वो अपनी मौत का नहीं था—बल्कि यह सोचकर दिल कांप रहा था कि अगर मैं चला गया, तो मेरे बच्चों का क्या होगा? परमजीत ने कहा, “पूरा परिवार साथ था, लेकिन मन में डर बना हुआ था कि न जाने अगला बम कहां गिरे।” खानवाल के मंड एरिया में रहने वाली बुजुर्ग महिला निहाल कौर ने बताया कि उनका कच्चा मकान बीओपी से सिर्फ 200 मीटर पीछे है। रात 1:40 बजे के करीब उनके घर के पास तीन बम गिरे। एक मोर्टार सिर्फ 20 कदम की दूरी पर गिरा जिससे तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया। धमाके में उनकी गाय घायल हो गई। डर के मारे वह पोते को लेकर डेढ़ किलोमीटर दूर अपने बेटे के घर की ओर भागीं। उन्होंने साफ कहा कि अब वह रात को गांव में नहीं रुकेंगी। भिंदर सिंह का परिवार असमंजस में बल्लड़वाल के भिंदर सिंह के परिवार की बहू ने बताया कि उनके पास दूसरा घर नहीं है और धमाकों की रात वे पूरे परिवार समेत सड़क पर बैठे रहे। उन्होंने कहा, “हम घर के अंदर नहीं रह सकते थे। अगर अगली रात फिर हमला हुआ तो हम कहां जाएंगे, यह हमें खुद नहीं पता।” धमाकों से कांप गई ज़मीन बॉर्डर से सटे मंड एरिया में पाकिस्तान की ओर से रात को करीब नौ धमाके किए गए। इन धमाकों से सिर्फ जमीन ही नहीं कांपी, बल्कि खेतों की फसलें भी उखड़ गईं। खासकर गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। एक धमाका तो इतना तेज था कि खेत में पानी भरे होने के बावजूद 6 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। बल्लड़वाल की सरपंच सुखविंदर कौर उनके बेटे जसबीर सिंह, मेंबर पंचायत परमजीत सिंह और प्रमोद विक्की ने बताया कि प्रशासन ने दिए निर्देश, मगर लोगों में अब भी संशय हैं। सीज फायर के बावजूद पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए वह शनिवार रात भी सतर्क रहेंगे। परमजीत सिंह ने बताया कि धमाकों के अगले दिन एसडीएम गांव में आए थे। उन्होंने रात को ब्लैकआउट रखने की सख्त हिदायत दी है। मंड खानवाल की निहाल कौर के कच्चे मकान से 20 कदम की दूर पर बम गिरा। उस वक्त निहाल मकान में सो रही थी। बम की चपेट में मकान भी आ सकता था। खेत में फंसा मोर्टार

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