बोकारो की अपूर्वा को UPSC में मिली 42वीं रैंक:दिल्ली में हैं एसीपी, तीसरे प्रयास में बनीं IAS; शादी के कुछ ही दिनों बाद दी मुख्य परीक्षा

बोकारो की प्रतिभाशाली बेटी अपूर्वा वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 42वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। वर्तमान में दिल्ली में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के रूप में कार्यरत अपूर्वा की यह उपलब्धि न केवल बोकारो बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है। मूल रूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण से संबंध रखने वाले उनके पिता अजीत कुमार प्रसाद वर्मा बोकारो स्टील प्लांट के ट्रैफिक विभाग में कार्यरत थे और 31 अक्टूबर 2025 को एजीएम पद से सेवानिवृत्त हुए। बोकारो में की 12वीं तक की पढ़ाई
अपूर्वा की प्रारंभिक शिक्षा बोकारो के डीपीएस से कक्षा 1 से 12वीं तक हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में इकोनॉमिक्स ऑनर्स में दाखिला लिया, लेकिन इसी बीच उनका चयन एनआईटी में हो गया और उन्होंने एनआईटी मणिपुर से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। दूसरे प्रयास में आईपीएस बनीं
इंजीनियरिंग के बाद उनकी नौकरी एल एंड टी कंपनी में लग गई, लेकिन बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2020 में उन्होंने पहला प्रयास किया, जो कोविड काल के कारण सफल नहीं हो पाया। वर्ष 2021 में दूसरे प्रयास में उन्होंने आईपीएस सेवा हासिल की और दिल्ली में एसीपी के रूप में नियुक्त हुईं। हालांकि उनका सपना आईएएस बनने का था। वर्ष 2025 उनका अंतिम प्रयास था। शादी के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा दी और 18 फरवरी 2026 को उनका इंटरव्यू हुआ। शुक्रवार को घोषित परिणाम में उन्होंने देशभर में 42वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार कर लिया। छोटा भाई बोकारो स्टील प्लांट में हैं कार्यरत
अपूर्वा के छोटे भाई बोकारो स्टील प्लांट के रेल विभाग में सेफ्टी ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनके पति कौशिक मंगेरा आईआरएस अधिकारी हैं। अपूर्वा की सफलता से बोकारो सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। —————————- ये भी खबर पढ़िए लातेहार के बिपुल गुप्ता ने रचा इतिहास:UPSC में मिली 103वीं रैंक, तीसरे प्रयास में पाई सफलता; गांव पर दीवाली जैसा माहौल प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत छोटे से गांव चटकपुर के होनहार पुत्र बिपुल गुप्ता ने। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के ताजा परिणाम में बिपुल गुप्ता ने देशभर में 103वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। जैसे ही सफलता की खबर गांव पहुंची, चटकपुर और आसपास के इलाकों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और पटाखे जला कर खुशियां मनाईं। गांव में माहौल किसी त्योहार से कम नहीं दिखा। पढ़िए पूरी खबर

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