भास्कर न्यूज |लुधियाना पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन एटक के जिला नेता गुरप्रीत सिंह और सुंदर नगर डिवीजन के प्रधान बहादुर सिंह लुहारा ने अर्थी फूंक प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली निगम की कीमती संपत्तियों को बचाने के लिए अब जेल भरो आंदोलन शुरू करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम में आने से पहले कर्मचारियों ने रोजगार प्राप्ति के लिए लंबा और संघर्षपूर्ण आंदोलन लड़ा था और अब निगम की संपत्तियों की रक्षा के लिए भी वे पीछे नहीं हटेंगे। धरने, प्रदर्शन और रैलियों के बाद संघर्ष का चौथा चरण संवैधानिक तरीके से सरकार से सीधा टकराव करते हुए जेल भरने का होता है। कर्मचारियों का कहना है कि अब तक धरने, प्रदर्शन, रैलियां और सामूहिक छुट्टियां लेकर कड़ा आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन भगवंत मान सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन अपने फैसलों से पीछे नहीं हट रहे। आगुओं ने आरोप लगाया कि ज्वाइंट फोरम और बिजली एकता मंच के साथ बैठकों में सरकार और प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि निगम की कोई भी संपत्ति नहीं बेची जाएगी। इसके बावजूद पटियाला जिले के गांव बंडूगर में बिजली निगम की 50 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री पुड्डा के नाम कर दी गई है। नेताओं ने सभी बिजली संगठनों से अपील की कि संपत्तियों की बिक्री रोकने के लिए अब चौथे चरण यानी जेल भरो आंदोलन की तैयारी की जाए। 28 फरवरी को लुधियाना के ईसड़ू भवन में होने वाली राज्य स्तरीय संयुक्त बैठक में इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सुंदर नगर डिवीजन से पहला जत्था जेल भरने के लिए जाएगा। प्रदर्शन की कार्रवाई टीएसयू के डिवीजन प्रधान धर्मपाल ने संचालित की। इस अवसर पर इम्प्लाइज फेडरेशन के जोन नेता सरताज सिंह, एमएसयू के नेता गुरप्रताप और फेडरेशन एटक के नेता दीपक कुमार सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों की ओर से अर्थी फूंक प्रदर्शन।


