बोर्ड पर प्रश्न लिख रहे शिक्षक, बच्चे कॉपी पर लिख रहे उत्तर

सभी सरकारी स्कूलों में क्लास 1 से 7 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा (योगात्मक मूल्यांकन, एसए-1) सोमवार से शुरू हुई। यह परीक्षा बुधवार तक चलेगी। लेकिन, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) रांची की ओर से प्रिंट किया हुआ प्रश्न पत्र नहीं भेजा गया। बल्कि, शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि प्रश्न जेगुरु-जी एप पर भेजा जाएगा, जिसे शिक्षक ब्लैक बोर्ड पर लिखेंगे और बच्चे प्रश्नों को अपनी कॉपी में उतारेंगे। इसके बाद उत्तर उसी कॉपी पर लिखेंगे। इस साल पहली बार ऐसा हुआ कि जेसीईआरटी की ओर से प्रिंट किया हुआ ना तो प्रश्न पत्र भेजा गया और ना ही उत्तर लिखने के लिए पेपर भेजा गया। अब ब्लैक बोर्ड में शिक्षक तो प्रश्न लिख रहे हैं, लेकिन पीछे बेंच पर बैठे बच्चों को प्रश्न ठीक से दिख नहीं रहा है। बार-बार उन्हें उठकर आगे आना पड़ रहा है। बच्चे किसी तरह परीक्षा दे रहे हैं। वहीं फिलहाल जेसीईआरटी का तर्क है कि आदर्श आचार संहिता की वजह से प्रश्न पत्र प्रिंट करवाने का टेंडर नहीं निकाला जा सका। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इधर, ऐसी व्यवस्था को लेकर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने चिंता जताई है। संघ ने जामताड़ा के जिला शिक्षा अधिक्षक , जिला शिक्षा पदाधिकारी को सूचित करते हुए ध्यानाकृष्ट कराया है िक वर्ग 3 और 4 के लिए तीन पेज का प्रश्न पत्र भेजा गया है। वहीं वर्ग 6 और 7 तक के लिए 5 पेज का प्रश्न जे गुरुजी एप्प पर भेजा गया है, जिसे प्रिंट आउट करवाने में 5 पेज के एक प्रश्न पत्र पत्र पर 25 से 30 रुपए लगेंगे जबकि प्रश्न पत्रों के प्रिंट आउट या फोटो कॉपी के िलए किसी भी तरह की राशि विभाग से विद्यालय को नहीं भेजी जाती है। ऐसे में ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र को उतारना शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए परेशानी वाली बात है। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वाल्मिकी कुमार ने कहा िक पांच पेज के प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखने में एक तरफ शिक्षकों का समय बर्बाद हो रहा है तो दूसरी तरफ परीक्षार्थी भी इसे समझ-बूझकर लिखने में असमर्थ हो रहे हैं। बताया िक विभाग ने इस परीक्षा के लिए मात्र 2 घंटे का समय निर्धारित किया है, जबकि सभी प्रश्न बहू विकल्पीय हैं। बताया िक पहले राज्य से ही प्रश्न पत्र भेजा जाता था, जिससे बच्चों को आसानी से उपलब्ध करा दिया जाता था। लेकिन, अब इस व्यवस्था से बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र उतारकर देना टेढ़ी खीर है । प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया िकपरीक्षा के तुरंत बाद मूल्यांकन करते हुए 24 दिसंबर तक रिजल्ट भी देना है। विद्यालय में शैक्षणिक कार्यों के अलावा आपार आई डी , बाल संसद , यू डायस , वर्ग 8 का रजिस्ट्रेशन इत्यादि कार्य भी किया जाना है। साथ ही कई गैर शैक्षणिक कार्य भी शिक्षकों को ही करना पड़ता है। ऐसे में विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बताया कि पिछले साल की परीक्षा में कॉपी कलम और प्रश्न पत्र की व्यवस्था होती थी, लेकिन इस वर्ष गुरुजी एप्प के द्वारा प्रश्नपत्रों को सीधे भेज दिया जा रहा है, जिसे ब्लैक बोर्ड पर उतारने में परेशानी हो रही है। सोमवार को पहले दिन पहली पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। जबकि, दूसरी पाली में सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा ली गई। इसमें क्लास-3 में प्रश्नों की संख्या 17 थी। जबकि, क्लास 6 से 8 में प्रश्नों की संख्या 25 थी। शिक्षक एक बार में 7 या 8 ही प्रश्न ब्लैक बोर्ड पर लिख पा रहे हैं। छात्र उसे देखकर जब अपनी-अपनी कॉपी में लिख ले रहे हैं, तब शिक्षक उसे मिटाकर अगला प्रश्न लिख रहे हैं। इस तरह से छात्रों का अधिकांश समय ब्लैक बोर्ड से प्रश्नों को लिखने में बीत रहा है। एक छात्रा ने कहा कि पीछे बैंच में बैठे होने के कारण ब्लैक बोर्ड में लिखे प्रश्न दिख नहीं रहे। इसलिए बार-बार उठकर आगे आना पड़ रहा है। एक छात्र ने कहा कि उन्हें भी प्रश्नों को लिखकर फिर उसके उत्तर लिखने में काफी समय लग रहा है। विस चुनाव के कारण प्रश्न पत्र प्रिंट करवाने का नहीं निकल सका टेंडर ^राज्य में हुए विस चुनाव की वजह से अर्द्ध वार्षिक परीक्षा का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका प्रिंट करवाने को लेकर टेंडर नहीं निकाला जा सका। शिक्षकों से कहा गया है कि वे अपने स्तर से जे-गुरुजी एप से प्रश्नों को डाउनलोड करके उसका प्रिंट करवा लें। इसमें बहुत से शिक्षकों का कहना था कि स्कूल में फंड नहीं है। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत परीक्षाएं ली जा रही हैं।- बांके बिहारी सिंह, सहायक निदेशक, जेसीईआरटी, रांची।”

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