ब्यावर में तालाब की पाल पर होगा दीपदान:महाआरती और आतिशबाजी से नवसंवत्सर का किया जाएगा स्वागत

ब्यावर में शहर में भारतीय नववर्ष नवसंवत्सर 2026 के स्वागत के लिए नवसंवत्सर समारोह समिति की एक बैठक हुई। इस बैठक में आगामी आयोजन को भव्य और अनुशासित रूप से संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा हुई और विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं। समिति सदस्यों ने जानकारी दी कि विगत वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए इस साल भी नवसंवत्सर की पूर्व संध्या का मुख्य आयोजन शहर स्थित तालाब की पाल (सुभाष उद्यान) पर किया जाएगा। यह स्थान पिछले कई वर्षों से नववर्ष आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं महाआरती में भाग लेते रहे हैं। सुभाष उद्यान में 18 को होगा दीपदान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 मार्च को नवसंवत्सर की पूर्व संध्या दीपदान कार्यक्रम के साथ उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी। आयोजन के अंतर्गत दीप सज्जा प्रतियोगिता, बालकों के लिए ईश्वर एवं महापुरुष वेशभूषा प्रतियोगिता, भजन संध्या, आकर्षक आतिशबाजी तथा सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। बच्चों एवं युवाओं की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। भारतीय नववर्ष का उत्साह से स्वागत करने की अपील
समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष भी मिट्टी के दीपकों के उपयोग तथा प्लास्टिक मुक्त आयोजन का निर्णय लिया गया है। नगरवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलित कर भारतीय नववर्ष का स्वागत करें तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता निभाएं। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि नवसंवत्सर हमारी संस्कृति, परंपरा एवं राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, जो समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी एवं प्रतियोगिताओं से संबंधित जानकारी शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी।
बैठक में एडवोकेट अतुल बंसल, डॉ. क्षमाशील गुप्त, दिलीप बाबेल, सुरेश वैष्णव, नितेश गोयल, नरेश मित्तल, शैलेश सोनी, गनपत बालोटिया, कमलकिशोर जिन्दल, राजीव मिश्रा, रुपेश कोठारी सहित समिति के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की।

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