आबूरोड में ब्रह्माकुमारीज के शांतिभवन में आयोजित सुरक्षा सेवा प्रभाग की 25वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सबसे पहले डायमंड हॉल में पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी रतन मोहिनी को श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-कि मनुष्य अपने जीवन में अपनी कृतियों से विभूषित होता है। यहां का वातावरण अद्भुत है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। यहां कोई मंदिर या धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यहां आध्यात्मिक शक्ति है। जो भी यहां आता है, उसका अहंकार शून्य हो जाता है, जबकि अहंकार का कार्य बहुत खतरनाक होता है। जो व्यक्ति अहंकारी होता है, उसका सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक होने के लिए आवश्यक नहीं है कि हम मंदिर जाएं, बस भावना होनी चाहिए। आत्मा का कोई प्रकार, आकार या रूप-रंग नहीं होता। यदि कोई शातिर व्यक्ति भी यहां आ जाए और यहां की बहनों का सान्निध्य मिल जाए, तो वह भी संन्यासी बन सकता है। बोले-यहां आने के लिए दरवाजे खुले हैं, जाने के लिए नहीं राजनाथ सिंह ने कहा-आपने मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए मैं आभारी हूं। दादी रतनमोहिनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने उनकी आध्यात्मिक सेवाओं को याद किया और उनके साथ बिताए कुछ पलों को भी साझा किया। उन्होंने कहा-दादी ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया है, इसके लिए भारत उन्हें कभी नहीं भूलेगा। यहां आने के लिए दरवाजे खुले हैं, जाने के लिए नहीं। संस्थान द्वारा सेना के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया और कहा कि यहां आने पर उनका आत्म-रूपांतरण होगा। आत्म-रूपांतरण बीज है और राष्ट्रीय रूपांतरण उसका फल है। उन्होंने कहा-पूरी दुनिया में जिस तरह की स्थिति है, उसमें संस्थान की थीम बहुत उपयोगी है। भारत की सभी सीमाएं सुरक्षित हैं। दुनिया में विभिन्न समस्याओं के बावजूद भारत निरंतर प्रगति कर रहा है। पहले भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब भारत बोलता है, तो दुनिया ध्यान से सुनती है। कभी भारत को भिखारियों का देश कहा जाता था, लेकिन आज आर्थिक क्षेत्र में जो प्रगति हुई है, उसके बाद भारत को अब कोई रोक नहीं सकता। दो वर्षों के भीतर भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनेगा और जब आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत प्रथम स्थान पर होगा। यह सब इसलिए संभव है क्योंकि हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं और सेनाओं की वजह से देश के लोग चैन की सांस ले पा रहे हैं। सेना के साथ साइन हुआ एमओयू रक्षामंत्री की मौजूदगी में ब्रह्माकुमारीज के सुरक्षा सेवा प्रभाग और भारतीय सेना के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सुरक्षा सेवा प्रभाग देशभर में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों के लिए प्रत्येक माह सेल्फ एम्पॉवरमेंट प्रोग्राम चलाएगा। इस एमओयू को साकार करने में प्रभाग की उपाध्यक्ष बीके शुक्ला दीदी, राष्ट्रीय संयोजक कर्नल वी.सी. सती सिंह और रिटायर्ड वाइस एडमिरल सतीश सिंह घोरमड़े की विशेष भूमिका रही। एमओयू में क्या होगा खास इस समझौते के तहत ब्रह्माकुमारीज के राजयोग एक्सपर्ट सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों को राजयोग मेडिटेशन, माइंड मैनेजमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट, स्लीप मैनेजमेंट, लाइफ मैनेजमेंट और सेल्फ मैनेजमेंट की कला सिखाएंगे। खासतौर पर सेवानिवृत्त जवानों को हर माह मोटिवेशनल क्लासेस के माध्यम से मानसिक व भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे आत्मबल, प्रसन्नता और स्वास्थ्य के साथ जीवनयापन कर सकें। राष्ट्र सशक्तिकरण अभियान का किया शुभारंभ ब्रह्माकुमारी संस्थान के डायमंड हॉल में सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित देशव्यापी स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण अभियान का शुभारंभ किया। सम्मेलन के माध्यम से देशभर की 40 सेना डिवीजन और 14 कोर में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सैनिकों के मानसिक, आत्मिक और भावनात्मक सशक्तिकरण पर फोकस किया जाएगा। इस दौरे को क्षेत्र में गौरव और प्रेरणा का विषय माना जा रहा है, जहां देश की सुरक्षा से जुड़े अहम निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर सिरोही को मिला है। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए कार्यक्रम के दौरान शांतिवन परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। मानपुर हवाई पट्टी से लेकर कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। अधिकारी और जवान हर स्तर पर पूरी तरह अलर्ट नजर आए। समारोह की शुरुआत बीके युगरतन भाई द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान सुरक्षा सेवा प्रभाग की 25 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा को दर्शाते हुए एक विशेष वीडियो शो भी प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी ने सराहा। मंच पर विशेष रूप से अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, सुरक्षा सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष बीके शुक्ला दीदी, वाइस एडमिरल सतीश घोरमड़े, रिटायर स्काड्रन लीडर व प्रभाग के अध्यक्ष अशोक गाबा और पूर्व सीजीडीए देविका रघुवंशी भी मौजूद रहीं। इस मौके पर संसदीय मंत्री जोगाराम पटेल, मंत्री के.के. विश्नोई, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम गरासिया, नगरपालिका अध्यक्ष मगनदान चारण, कलक्टर अल्पा चौधरी, एसपी अनिल बेनीवाल, पूर्व जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया और एससी मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुरेश सिंदल सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


