पंजाब के सीएम भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में एक ब्राह्मण परिवार ने मस्जिद बनवाई। दो भाइयों ने मस्जिद के लिए 5 मरला जमीन दान दी। इसके साथ ही उन्होंने खुद और गांव से चंदा जोड़कर इमारत बनवाई, जिसमें दो कमरे और एक बरामदा है। उन्होंने कहा कि गांव में करीब 2500 लोग रहते हैं, इसमें करीब 30 मुस्लिम परिवार हैं। मस्जिद न होने के कारण इन परिवारों को नमाज अदा करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। उनकी इस परेशानी को देखते हुए जमीन दान की गई और सभी के सहयोग से मस्जिद का निर्माण कराया गया। धूरी तहसील के गांव पूनेवाल में बनी मस्जिद का 8 फरवरी को शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने उद्घाटन किया। इस मौके पर हिंदू और मुस्लिम परिवारों ने शाही इमाम का स्वागत किया। उद्घाटन के बाद मस्जिद में पहली बार नमाज अदा की गई। इसके बाद शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने जमीन दान करने के लिए गांववासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगरूर जिले में एक हिंदू परिवार द्वारा किया गया यह काम पूरे देश के लिए मिसाल है। उद्घाटन पर शाही इमाम बोले- देश मोहब्बत से जीना पंजाब से सीखे। पंजाब की धरती पर नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। श्री गुरु नानक देव जी के समय से ही यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख मिल-जुलकर रहते आए हैं। देश को पंजाब से सीखना चाहिए। मस्जिद के उद्घाटन पर हिंदू परिवार और शाही इमाम की अहम बातें शाही इमाम ने किया ब्राह्मण परिवार का सम्मान उद्घाटन समारोह में पहुंचे शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने परिवार के इस जज्बे की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान गांव के सरपंच मक्कड़ ने शाही इमाम का स्वागत किया। शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की धरती में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के समय से ही पंजाब में मुस्लिम हिंदू मिलकर अपने सिख भाइयों के साथ रहते आए हैं। पूरे देश में जहां हिंदू-मुस्लिम को लेकर डिबेट होती है, उन्हें आज के काम से सीखना चाहिए। पंचायत में उठा था मस्जिद बनाने का मसला गांव के सरपंच गोविंद सिंह खंगूड़ा ने कहा कि गांव वालों ने मुस्लिम परिवारों के लिए मस्जिद न होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पंचायत में विचार-विमर्श किया गया। इस पर गांव के ही ब्राह्मण परिवार से दो भाइयों जसपाल राम और विजय कुमार ने अपनी जमीन में से 5 मरला दान करने के लिए कहा। इसके बाद इस जमीन पर मस्जिद का निर्माण करवाकर इसे मुस्लिम भाइयों को सौंप दिया गया है। मस्जिद के उद्घाटन के बाद की PHOTOS…


