बर्खास्त वकील ब्लैकमेलर गोवर्धन सिंह की ब्लैकमेलिंग से परेशान लोगों ने अंबाबाड़ी के चौमूं सर्किल पर मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए उसका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने उस पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और गिरफ्तारी की मांग उठाई। लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से उसकी ब्लैकमेलिंग की हरकतों से परेशान हैं। उसकी बेल रद्द की जाए। प्रदर्शनकारियों ने पहले उसके पुतले की शवयात्रा निकाली, इसके बाद चौमूं सर्किल पहुंचकर पुतले को आग लगाई। उनका आरोप है कि गोवर्धन पिछले कई वर्षों से लोगों पर गलत आरोप लगाकर दबाव बनाता है और बदनामी के डर से कई लोग समझौता करने को मजबूर हो जाते हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर उस पर दर्ज मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की। आगे पढ़िए क्या है मामला ब्लैकमेलर व पॉक्सो के आरोपी बर्खास्त वकील गोवर्धन सिंह के खिलाफ वर्ष 1999 से लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते आ रहे हैं। वर्ष 2010 तक 11 साल में आरोपी के खिलाफ कार लूट, ब्लैकमेलिंग, सरकारी कर्मचारियों से हाथापाई के 21 मामले दर्ज हो चुके। अधिकतर में पुलिस ने आरोप प्रमाणित माने और चालान पेश किया। अब तक आरोपी के खिलाफ 43 क्रिमिनल केस दर्ज हो चुके। चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे अपराध करने के बावजूद आरोपी अब तक कानून के शिकंजे से बाहर है। सवाल यह है कि आखिर इतने गंभीर मामलों के बाद भी गोवर्धन को कौन बचा रहा है? बीकानेर में सर्वाधिक केस 1 अगस्त 2002 को कोटगेट थाने में गोवर्धन के खिलाफ उसके चाचा ने ही मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोप प्रमाणित पाए थे। इसी तरह 26 जनवरी 2004 को गोवर्धन के खिलाफ बीकानेर के जेएनवीएल थाने में, 14 अगस्त को गंगा शहर थाने, 15 अगस्त 2004 को फिर जेएनवीएल थाने और जामसर थाने में मामले दर्ज हुए। इतने गंभीर और लगातार दर्ज मामलों के बावजूद गोवर्धन सिंह का खुलेआम घूमना पुलिस व्यवस्था और संरक्षण देने वाले तंत्र पर बड़े सवाल खड़ा करता है। पहला केस मारपीट का, अब चाइल्ड पोर्नोग्राफी का आरोपी गोवर्धन के ऑफिस से पुलिस को बच्चों के अश्लील वीडियो की 4 पेन ड्राइव मिली रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस ने गोवर्धन के सी-स्कीम स्थित ऑफिस में सर्च किया था। बच्चों के अश्लील वीडियो से भरी 4 पेन ड्राइव बरामद हुई थीं। इस संबंध में विधायकपुरी थाने में गोवर्धन के खिलाफ एसीपी ने 16 सितंबर 2022 को पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। कार लूट में गिरफ्तारी, वाहन भी बरामद गोवर्धन को 17 मई 2003 को कार लूट के मामले में जैसलमेर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोवर्धन ने साथियों के साथ टैक्सी कार किराए पर ली थी और रास्ते में चालक से मारपीट कर कार पोकरण की ओर ले गया। पुलिस ने गोवर्धन को गिरफ्तार कर कार बरामद की और चालान पेश किया। करोड़ों रुपए की जमीन से जुड़ी पीआईएल खारिज जयपुर | हाईकोर्ट खंडपीठ ने टोंक रोड पर गोपालपुरा पुलिया व गौरव टावर के पास स्थित करोड़ों रुपए की औद्योगिक 205 बीघा जमीन का रिहायशी व व्यावसायिक उपयोग करने से जुड़े मामले में दायर पीआईएल सोमवार को खारिज कर दी। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह व जस्टिस रवि चिरानियां की खंडपीठ ने यह निर्देश एडवोकेट डॉ. जयनारायण त्रिवेदी की पीआईएल पर दिया। खंडपीठ ने कहा कि वह जमीन आवंटन के संबंध में राज्य सरकार की ओर से दिए गए जवाब से संतुष्ट है। राज्य सरकार ने मामले में दिए गए जवाब में कहा कि यह जमीन जय ड्रिंक्स को सब लीज पर देने की मंजूरी 1966 में ही दे दी थी। वहीं, जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन में भी कानूनी प्रावधानों का पालन किया है। ऐसे में पीआईएल खारिज की जाए। अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि 1965 में राज्य सरकार ने 205 बीघा जमीन को केप्सटन मीटर्स को औद्योगिक उपयोग के लिए लीज पर दिया था। लेकिन यह शर्त भी थी कि यह जमीन जिस उद्देश्य के लिए दी है, वह नहीं हुआ तो यह जमीन खुद ही राज्य सरकार में समाहित हो जाएगी।


