झालावाड़ के खानपुर क्षेत्र के गोल्याखेड़ी गांव में बुधवार को भगवान देवनारायणजी का 1114वां जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान की दिव्य झांकी, अखाड़ा प्रदर्शन और घोड़ी नृत्य मुख्य आकर्षण रहे। देवधाम गोल्याखेड़ी सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार सुबह 9 बजे रामायण पाठ की स्थापना से हुई थी। बुधवार को शोभायात्रा भगवान देवनारायण देवपुरा से दिव्य ज्योत और धर्म ध्वजा के साथ रवाना हुई। यह शोभायात्रा देवपुरा में नगर भ्रमण करते हुए बैरवा बस्ती, महादेव मंदिर और तेजाजी मंदिर प्रांगण से होकर सायंकाल देवधाम मंदिर प्रांगण पहुंची।
यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। अखाड़ा जय बजरंग व्यायामशाला सेवा समिति पनवाड़ के तत्वावधान में पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष पंकज गुर्जर, कोषाध्यक्ष अंकुर श्रृंगी और सचिव सुरेश सुमन के नेतृत्व में युवाओं ने तलवारबाज़ी, चक्कर घुमाना, सीने पर ईंट तुड़वाना और मानव मीनार जैसे करतब दिखाए। इसके अतिरिक्त, दो सुसज्जित घोड़ियों पर पारंपरिक घोड़ी नृत्य ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मुख्य मार्गों पर आतिशबाजी के साथ आगे बढ़ती शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बनाया। देवधाम मंदिर प्रांगण पहुंचने पर पुजारी रामविलास गुर्जर और आचार्य रामविलास गौतम ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। समाजसेवी लक्ष्मण नेकाड़ी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने अपने संबोधन में भगवान देवनारायणजी के आदर्शों पर चलने और समाज में एकता व सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का वितरण किया गया। इस पूरे आयोजन में गांववासियों, युवाओं और समिति सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


