भगवान ने सेवक का रूप धारण कर राजा की सेवा की, वो निरोग हो गया

भास्कर न्यूज | जालंधर बस्ती शेख के मोहल्ला सत्तरां ​स्थित श्री सेन मंदिर में धर्मशाला वेलफेयर सोसायटी की ओर से 17वां वार्षिक समागम करवाया। सोसायटी सीनियर चेयरमैन रतन लाल जयवाल, प्रधान अरुण सिंधरा ने बताया कि सुबह कमेटी सदस्यों द्वारा ध्वजारोहण एवं हवन-यज्ञ किया गया। चेयरमैन सुरिंद्र कुमार ने बताया कि यज्ञ के बाद भजन मंडली ने भजन-कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इतिहास​कार जसविंदर खांबड़ा ने उपस्थिति को संब​ोधित करते हुए कहा कि भगत सेन का जीवन सेवा, विनम्रता और ईश्वर-भक्ति का प्रतीक है। वे पेशे से नाई (सेवक) थे और साधु-संतों की निस्वार्थ सेवा करते थे। एक बार वे किसी संत की सेवा में इतने लीन थे कि राजा के बुलावे पर दरबार नहीं पहुंच सके। तब भगवान ने स्वयं उनका रूप धारण कर राजा की सेवा की। राजा उनकी सेवा से प्रसन्न होकर निरोग हो गया। बाद में उसे ज्ञात हुआ कि यह स्वयं ईश्वर की कृपा थी। इस कथा का संदेश है कि सच्ची सेवा और भक्ति से भगवान स्वयं भक्त की लाज रखते हैं। कार्यक्रम में शहर के राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। सोसायटी की ओर से गणमान्यों व सहयोगियों को सम्मानित भी किया गया। स्कूली बच्चों को स्टेशनरी भी बांटी गई। यहां महासचिव अजय कुमार, कोषाध्यक्ष जतिंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों- तिलक राज, नरेश बब्बी, रघुपाल मिंदू, बलबीर भुट्टी, सेवा राम, एडवोकेट संदीप, चंद्र शेखर, हेमराज, राजेश, केवल कृष्ण, बब्बू, सुनील कुमार सत्ती, मनीष कुमार, नेम चंद आदि मौजूद रहे।

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