भगवान शिव प्रभु के नाम रूपी महामंत्र के रस में लीन रहते हैं: साध्वी भुनेश्वरी

भास्कर न्यूज | संबलपुर ग्राम कवरा जेवरा में महाशिवरात्रि पर नवधा रामायण मंच से सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। यह सत्संग प्रवचन मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरिद्वार की साध्वी भुवनेश्वरी ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। कहा कि महाशिवरात्रि पर भक्त भगवान शिव का पूजन-वंदन अपने-अपने तरीके से करते हैं। समाज में यह धारणा प्रचलित है कि भगवान शिव भांग, धतूरा या अन्य नशे का सेवन करते हैं, जबकि शिव महापुराण में वर्णित है कि भगवान शिव प्रभु के नाम रूपी महामंत्र के रस में लीन रहते हैं। उन्होंने कहा कि महामंत्र जोइ जपत महेशु, काशी मुक्ति के लिए उपदेशू, अर्थात प्रभु का आदि नाम ही वह महामंत्र है जिसका न आदि है न अंत। यह नाम प्रत्येक जीव की सांसों में विद्यमान है और सृष्टि के कण-कण में उसकी ध्वनि गूंजती है। उस गुप्त नाम का ज्ञान समय के सद्गुरु से प्राप्त होता है। महामंत्र मणि विषय ब्याल के, मेटत कठिन कुअंक भाल के, का उल्लेख करते हुए साध्वी ने कहा कि प्रभु नाम के जप से दुर्भाग्य और कष्ट दूर हो जाते हैं। कार्यक्रम में हनुमान प्रसाद तिवारी, सेवक राम साहू, डॉ. रामचंद्र साहू, गयाराम वर्मा, लीलाराम वर्मा, उत्तम कुमार साहू एवं नारायण कुमार निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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