आज 292 वां भरतपुर स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। स्थापना दिवस के उपलक्ष में 19 फ़रवरी तक कार्यक्रम चलेंगे। आज सुबह 7 बजे कलश यात्रा निकाली गई। 8 बजे गायत्री शक्तिपीठ में जन महायज्ञ किया गया। 10 बजे महाराजा सूरजमल जयंती, पुष्पांजलि और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगों लोगों को कैलीपर, कृत्रिम अंग, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण मशीन बांटी गई। इसके बाद शाम 4 बजे जिला क्लब में लॉन टेनिस, बैडमिंटन, शतरंज की प्रतियोगिता होगी। भरतपुर का स्थापना दिवस लोहागढ़ विकास परिषद, जिला प्रशासन सहित शहर की समाजसेवी संस्थाओं के द्बारा मनाया जा रहा है। समाजसेवी अनुराग गर्ग ने बताया की महाराजा सूरजमल ने भरतपुर की स्थापना की थी। 19 फ़रवरी के दिन भरतपुर की स्थपना हुई थी। स्थापना दिवस के उपलक्ष में 7 दिन कार्यक्रम चलते हैं। इसलिए आज से कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी गई है। यह कार्यक्रम लगातार 19 फ़रवरी तक चलेंगे। भरतपुर की स्थापना महाराजा सूरजमल ने 1733 में की थी। भरतपुर साम्राज्य की सीमायें उस समय दिल्ली, आगरा, धौलपुर, मैनपुरी, हाथरस, अलीगढ़, इटावा, मेरठ, रोहतक, मेवात, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मथुरा, झझ्झर, फिरोजाबाद, एटा, अलवर और बुलंदशहर तक फैली हुई थी। भरतपुर में जाट राजाओं का शासन था। जिसमें प्रमुख राजा बदन सिंह और महाराजा सूरजमल थे।


