भरतपुर नगर निगम आयुक्त ने आज गुरुवार को बजट पेश किया। शहर के विकास के लिए कुल 575.37 करोड़ का बजट पास किया गया। इसमें ड्रेनेज प्रोजेक्ट, स्मार्ट सेवा केंद्र, निगम में जोड़े गए गांव के विकास, स्वच्छता, नगर निगम का नया भवन आधारभूत संरचना विकास, शुलभ कॉम्प्लेक्स, ग्रीन भरतपुर पर फोकस रहा। नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने बताया कि 64 करोड़ की लागत से शहर में ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर करने के लिए RNFCD और CFCD सहित शहर के छोटे ड्रेनेज का काम किया जाएगा। सफाई कर्मियों के लिए 20 लाख की लागत से वॉकी-टॉकी खरीदे जाएंगे। आवेदन के साथ जारी हो रहे प्रमाण-पत्र नगर निगम के द्वारा पूर्व में स्थापित स्मार्ट सेवा केंद्र 1.0 से लोगों को जन्म मृत्यु और शादी के रजिस्ट्रेशन करवाने में काफी सहूलियत मिली है। जिन दिन आवेदन आते हैं उसी दिन प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते हैं। इसी तर्ज पर स्मार्ट सेवा केंद्र 2.0 बनाया जाएगा। जिसमें लोगों को पट्टा, नाम बदलवाने, फायर NOC, सब डिवीजन, भवन निर्माण स्वीकृति, ट्रेड लाइसेंस बनवाने में आसानी होगी। सफाई कर्मियों को वॉकी टॉकी नगर निगम में हाल ही में 33 नए गांव को जोड़ा गया है। उन गांव में सफाई के लिए 70 लाख रुपए की लागत से 200 बड़े डस्टबिन लगाए जाएंगे। 3000 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएगी। डोर-टू-डोर कलेक्शन की स्मार्ट मॉनिटरिंग के लिए हर मकान पर RFID (रेडिओ फ्रीक्युएंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड लगाए जाएंगे। शहर के मुख्य बाजारों में 30 लाख की लागत से 200 डस्टबिन लगाए जाएंगे। नए वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी। सफाई कर्मचारियों को सूचना का आदान प्रदान करने के लिए 20 लाख रुपए की लागत से वॉकी-टॉकी खरीदे जाएंगे। जिससे सफाई को लेकर मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। नगर निगम के नए भवन का निर्माण नगर निगम के लिए 10 करोड़ की लागत से नए भवन का निर्माण करवाया जाएगा। नए भवन में कॉर्पोरेट शैली और गेस्ट्स के लिए स्मार्ट सेवाएं होंगी। नागरिकों की सुविधाओं के लिए गढ़ी श्यामलदास में सुलभ कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। साथ ही 3 पिंक टॉयलेट बनेंगे। जिसकी लागत 150 लाख रुपए आएगी। नगर निगम क्षेत्र की मुख्य सड़कों के किनारे, पार्कों, और खुले स्थानों पर साधारण और मियावाकि टेक्निक से 50 हजार पेड़ लगाए जाएंगे।


