भरतपुर शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले रास्तों में शुमार रेडक्रॉस सर्किल से रेलवे स्टेशन मार्ग की तस्वीर जल्द ही बदलेगी और लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी। भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने इस मार्ग को फोरलेन बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही लोगों को स्टेशन पहुंचने के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। बीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार, इस सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों ने सर्वे पूरा कर लिया है और सड़क की लंबाई-चौड़ाई को चिह्नित करते हुए लाल निशान लगा दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र के व्यापारियों और निवासियों में हड़कंप का माहौल है। प्रोजेक्ट के तहत सड़क सीमा में आने वाले लगभग 40 से 50 पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा, जिनमें होटल, दुकानें, मकान, मंदिर और पुलिस चौकी तक शामिल हैं। पहले ड्रेनेज और अंडरग्राउंड लाइन, फिर सड़क निर्माण भरतपुर विकास प्राधिकरण के एक्सईएन बहादुर सिंह ने बताया सड़क के बीचों-बीच भव्य डिवाइडर बनाया जाएगा और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों ओर फुटपाथ का निर्माण भी होगा। खास बात यह है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव की समस्या न हो। साथ ही, सड़क के ऊपर फैले बिजली के तारों के जाल को हटाकर लाइनों को पूरी तरह अंडरग्राउंड किया जाएगा। बीडीए अधिकारियों ने साफ किया कि जल्द कब्जे हटाए जाएंगे। 7-32 फीट तक लोगों ने कर रखे हैं अतिक्रमण, बाउंडी भी हटेंगी सर्वे के दौरान पाया गया कि सरसों मंडी की दिशा में अतिक्रमण की स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। यहाँ कई दुकानें 7 से 32 फीट तक सड़क सीमा के अंदर बनी हुई हैं। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए रेलवे की बाउंड्रीवाल को भी हटाया जाएगा, जिसके लिए बीडीए और रेलवे अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है। यह केवल एक सड़क का निर्माण नहीं है, बल्कि भरतपुर के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने की कोशिश है। बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और ड्रेनेज लाइन बिछाने से यह मार्ग भविष्य में जलभराव और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं से मुक्त रहेगा। रेलवे के साथ समन्वय स्थापित कर बाउंड्रीवाल हटाने का निर्णय स्टेशन के प्रवेश द्वार को भव्यता प्रदान करेगा, जिससे पर्यटकों और आम यात्रियों को एक बेहतर अहसास होगा।


