भास्कर न्यूज | राजनांदगांव राजनांदगांव में जारी पुलिस भर्ती रद्द करने का आदेश मिल गया है। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है। लेकिन हैदराबाद की इवेंट कवर करने वाली कंपनी अब भी पुलिस की निगरानी में ही रहेगी। जांच पूरी होने तक कंपनी के किसी भी कर्मचारी या मशीनों को पुलिस निगरानी से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। बुधवार को एसपी मोहित गर्ग की मौजूदगी में पूरे दिन डाटा रिकव्हरी का काम जारी रहा। कंपनी ने सारे इवेंट के वास्तविक डाटा को पुलिस प्रशासन को सौंपने का दावा किया है। 16 दिसंबर से अब तक का डाटा पुलिस ने टाइमिंग टेक्नालॉजी कंपनी से मांगा है। इसे मेनुअल डाटा और सीसीटीवी में दिख रहे फुटेज से मिलान किया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक की जानकारी सामने आ सकेगी। चूंकि भर्ती में हुए गड़बड़ी की विवेचना जारी है। ऐसे में सभी डाटा खंगालने और इसके मिलान के बाद ही कंपनी को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन कंपनी ने अब तक सिर्फ चार दिन का ही डाटा पुलिस को सौंपा है। डाटा रिकव्हरी के लिए हैदराबाद से कंपनी के अफसर नांदगांव पहुंचे हैं। जो खुद की एसपी की निगरानी में डाटा रिकवर करने में जुटे हुए हैं। एसपी गर्ग ने बताया कि पूरा डाटा मिलने तक कंपनी के सभी कर्मी पुलिस की निगरानी में ही रहेंगे। अब तक की जांच में सामने आया है कि कंपनी के द्वारा 3 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के डाटा की एंट्री में गड़बड़ी की है। इसकी संख्या और बढ़ने की आशंका है। अब इन्ही फर्जी एंट्री की वास्तविक डाटा को साफ्टवेयर से रिकवर किया जा रहा है। इसके बाद वास्तविक डाटा का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए मेनुअल रजिस्टर और सीसी कैमरों के फुटेज सहित ईवेंट रिकार्डिंग की मदद ली जाएगी।


