डीडवाना क्षेत्र के भवादिया गांव में गोचर भूमि और तालाब के समीप कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से गौचर जमीन से मिट्टी और मुरड़ सामग्री निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, इस गतिविधि से सार्वजनिक भूमि और जल स्रोत को नुकसान पहुंच रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए चल रहा खनन कार्य रुकवा दिया।
इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने तत्काल जिला प्रशासन, तहसीलदार और खनिज विभाग को सूचना दी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पटवारी के भी अवकाश पर होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि गोचर भूमि पशुओं और गांव की सामुदायिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रखी जाती है, जबकि तालाब क्षेत्र जल संरक्षण का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में अवैध खनन से पर्यावरणीय और सामाजिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
गांववासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह मामला ग्रामीण संसाधनों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


