क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 1 जुलाई 2018 को जयपुर के नांगलजैसा बोहरा इलाके के खाली प्लॉट में कट्टे में एक युवक की लाश मिलती है। शव का सिर धड़ से अलग होता है। पुलिस के सामने शव की शिनाख्त, हत्या की वजह और आरोपियों की गिरफ्तारी अभी भी चुनौती थी। इस हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे सवालों को सुलझाने से पहले पुलिस मौके पर एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और एक्सपर्ट को बुलाकर साक्ष्य जुटाने की कोशिशों में जुट जाती है। पुलिस मुखबिरों को सक्रिय करने के साथ ही आस-पड़ोस के लोगों से शव को लेकर जानकारी जुटानी शुरू करती है। इस बीच पुलिस को एक क्लू मिलता है, जिसके बाद परत दर परत पूरे मामले का खुलासा हो जाता है। पुलिस घटनास्थल से ही अपनी पड़ताल को शुरू कर देती है। मौजूद लोगों से लाश के बारे में जानकारी जुटाई जाती है। कुछ देर की कोशिशों के बाद विकास नाम के शख्स के रूप में शव की शिनाख्त होती है। विकास जहां किराए पर रहता है, वहीं का मकान मालिक उसकी शिनाख्त करता है। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस मकान मालिक से विकास के बारे में और जानकारी जुटाती है। मकान मालिक पुलिस को बताता है कि विकास अपने भाई-भाभी और उनके पांच बच्चों के साथ उसके ही मकान में रहता था। विकास और उसका भाई अजय बिहार के रहने वाले थे। यहां मजदूरी करते थे। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि उसके प्लॉट पर कई कमरे बने हुए हैं। इनमें से एक कमरे में विकास और उसका भाई अजय अपने परिवार के साथ रहता था। विकास के भाई के परिवार में उसकी पत्नी और उसके पांच बच्चे हैं। मकान मालिक ने बताया कि एक दिन पहले ही शाम को वह अपने प्लॉट पर गया था। वहां अजय और उसकी पत्नी का विकास के साथ झगड़ा हो रहा था। हालांकि झगडे़ का कारण पता नहीं चला, लेकिन उनको समझाकर वह वापस अपने घर आ गया था। इसके बाद पुलिस ने विकास के भाई अजय और उसकी पत्नी मनीता से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में दोनों ने कुछ पता न होने की बात कही। बाद में पुलिस ने एक दिन पहले हुए झगड़े का हवाला देकर पूछा तो दोनों टूट गए। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि विकास (मृतक) के अपनी भाभी मनिता से अवैध संबंध थे। अजय को दोनों के अवैध संबंध की भनक लग गई थी। इसी वजह से दोनों भाइयों में झगड़े होने लगे। काफी समझाने के बाद भी विकास नहीं माना तो अजय और मनिता ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। 30 जून को विकास और उसके भाई अजय के बीच झगड़ा हुआ था। इसी दिन रात को अजय ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर दांतली से विकास की गर्दन काटकर धड़ से अलग कर दी। उसके कपड़े उतार दिए और दोनों पैरों में कीलें ठोंक दी। अपने कमरे में हत्या के निशानों को मिटाकर शव खाली प्लॉट पर फेंक आए। बाद में जब मकान मालिक ने विकास की शिनाख्त की तो पहले दोनों ने विकास के गांव जाने की बात कही। पुलिस के सख्ती से दोनाें टूट गए और सच सामने आ गया। पुलिस ने आरोपी भाई और भाभी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल दांतली और कपड़े बरामद कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। कोर्ट ने अजय और मनीता दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पार्ट-1 पढ़िए… गर्दन काटकर किए दो टुकड़े, पैरों में कीलें ठोकी:सिर और धड़ कट्टे में डालकर खाली प्लॉट में फेंके, बड़ा सवाल-किसका था शव


