भागवत कथा में रुक्मणी विवाह के प्रसंग सुनाया

लुधियाना | बीआरएस नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान की मनमोहक विवाह झांकी निकाली गई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। वृंदावन से पधारे भागवतोपासक संत गोपराम महाराज ने व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए कहा कि रुक्मणी विवाह केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं बल्कि जीवात्मा का परमात्मा से मिलन का प्रतीक है। उन्होंने सुंदर भजनों के माध्यम से भगवान की बाल लीलाओं और रास पंचाध्यायी की व्याख्या की। महाराज ने विस्तार से बताया कि रुक्मणी जी भक्ति’ का रूप हैं और जब भक्त पूरी श्रद्धा से भगवान को पुकारता है, तो प्रभु स्वयं आकर उसका हाथ थाम लेते हैं। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान मनमोहन अग्रवाल द्वारा व्यास पूजन व आरती के साथ किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *