भास्कर न्यूज | बारगांव ग्राम बलौदी में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ रविवार को मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। शाम 4 बजे कथा स्थल से निकली कलश यात्रा में पीतांबर धारण किए महिलाएं व कन्याएं सिर पर मंगल कलश लेकर भक्ति भाव से प्रभु का गुणगान करती हुई चल रहीं थीं। शोभायात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर शीतला मंदिर एवं गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कथा स्थल पहुंचकर संपन्न हुई। कथावाचक पंडित जय श्रवण (सिमगा वाले) ने श्रीमद् भागवत महापुराण का विधिवत पूजन कर मंत्रोच्चारण के साथ कलश यात्रा में सहभागिता की। बैंड-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ निकली इस यात्रा में भक्तजन नाचते-गाते चल रहे थे। चौक-चौराहों पर पुष्पवर्षा से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने कलश को कथा स्थल के मंच पर स्थापित कर पूजन-अर्चन किया और प्रसाद ग्रहण किया। नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ। कथावाचक पंडित जय श्रवण ने कहा कि श्रीमद् भागवत के अनुसरण से भक्तों का कल्याण होता है, जीवन में सुख-शांति का अनुभव होता है। भागवत कथा का श्रवण बड़े सौभाग्य से प्राप्त होता है और जहां इसका आयोजन होता है, वह स्थान तीर्थ के समान हो जाता है। 23 फरवरी को गीता सहस्रधारा आगामी दिनों में 17 फरवरी को ध्रुव चरित्र, 18 फरवरी को प्रह्लाद चरित्र, 19 फरवरी को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 20 फरवरी को बाललीला एवं रास महोत्सव, 21 फरवरी को श्रीकृष्ण-रूक्मिणी विवाह का आयोजन होगा। वहीं 22 फरवरी को भागवत कथा निवेदन, चढ़ोत्री, 23 फरवरी को गीता सहस्रधारा, तुलसी वर्षा एवं हवन-पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा में सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कथा के दौरान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां सजाई जाएंगी। भगवान कृष्ण की बाल लीलाएं, रासलीला और सुदामा-कृष्ण मिलन जैसे प्रसंग झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे।


