खंडवा भाजपा में मंडल अध्यक्षों की तैनाती के बाद अब जिलाध्यक्ष के पद को दौड़-भाग शुरू हो गई है। वर्तमान अध्यक्ष आश्वस्त है कि जितने ज्यादा दावेदार होंगे, फायदा उनका ही होना है। ऐसे ही बात-बात में मंत्री विजय शाह के बंगले पर रायशुमारी हो गई। ये मौखिक रायशुमारी कागजी चिट्ठी तक पहुंच गई। 17 दावेदारों के नाम की चिट्ठी बनाई गई। उनमें से एक चिट्ठी को पूर्व महापौर के द्वारा खोला गया। नाम था- सेवादास पटेल, यानि वर्तमान जिलाध्यक्ष। पहले जान लीजिए कि मौखिक रायशुमारी में क्या हुआ दरअसल, भाजपा विधायक, जिलाध्यक्ष सहित कई नेता मंत्री विजय शाह के आशापुर स्थित निवास पर इसलिए पहुंचे थे कि खंडवा को संभाग मुख्यालय बनाया जाए। इस बात को मंत्री द्वारा सरकार के समक्ष रखा जाए। इसी दौरान मंत्री शाह ने पूछ लिया कि जिलाध्यक्ष की दावेदारी कौन-कौन कर रहा है। सभी की चिट्टी बनाओ, ताकि अभी यहीं पर तय कर लेते हैं। वहीं, मौके पर मौजूद अध्यक्ष की दावेदारी कर रहे खंडवा के नेताओं ने कहा यदि पूर्व महापौर भावना शाह का नाम आता है तो हम सभी पीछे हट जाएंगे। इस पर पूर्व महापौर शाह बोलीं- नहीं भाई मैं तो महापौर बन गई, वही बहुत है। मंत्री शाह के निर्देश पर सुनील जैन और यशदीप चौरे ने 17 दावेदारों के नाम की चिट बनाई, जिसमें से एक चिट मंत्री शाह ने निकालकर अपनी पत्नी को देते हुए कहा आप भी दावेदारी कर रही हो तो अब आप ही नाम पढ़कर बताओ। भावना शाह ने चिट खोलकर सेवादास पटेल का नाम बोला। इन चिट में सेवादास पटेल के साथ राजेश तिवारी, अरुण सिंह मुन्ना, संतोष सोनी, धर्मेंद्र बजाज, दिनेश पालीवाल, भावना शाह, राजपाल सिंह तोमर, आशीष चटकेले, नानूराम मांडले, नंदन करोड़ी, राजपाल सिंह चौहान, सुखदेव पटेल के नाम की पर्ची बनाई गई थी। अब जानिए, भाजपा की सियासत में चिट्ठी कितनी अहम खंडवा भाजपा को सरकार में जगह देने के लिए चिट्ठी का अहम रोल रहा है। ताजा मामला पंचायत चुनाव का है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लिए मंत्री शाह के बेटे दिव्यादित्य शाह का चयन भी चिट्ठी से ही हुआ था। दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह चौहान को उनके बराबर वोट मिले थे। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष कंचन तनवे के इस्तीफे के बाद उप चुनाव हुए। अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पिंकी वानखेड़े और कांग्रेस प्रत्याशी नानकराम बरवाहे को बराबर वोट मिले। अध्यक्ष चयन के लिए चिट्ठी निकाली गई तो पिंकी वानखेड़े को अध्यक्ष चुना गया। यानी भाजपा को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही चिट्ठी ने दिए है। खासकर, हरसूद क्षेत्र में चिट्ठी का खेल काफी पुराना है।


