बीकानेर पंचायत समिति के गांव राजेरा में इन दिनों अस्सी से ज्यादा मकानों को अवैध कब्जे बताते हुए तोड़ दिया गया है। इसमें एक घर भारतीय जनता पार्टी के आईटी संयोजक कोजूराम सारस्वत का है। सारस्वत ने सोशल मीडिया पर अपने घर पर चलती जेसीबी का वीडियो वायरल करते हुए केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को टैग किया है। साथ ही लिखा है कि आज हमारा घर टूटा है, कल तुम्हारा गुरुर टूटेगा। बताया जा रहा रहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही सारस्वत और गोदारा के बीच अनबन चल रही है। कोजूराम ने दैनिक भास्कर को बताया- बीकानेर पंचायत समिति गुंसाईसर से कतरियासर के बीच उनका गांव आता है। इस गांव में ही प्रशासन ने कब्जे तोड़े हैं। करीब अस्सी घरों को तोड़ दिया गया है। अभी मकान तोड़ने का सिलसिला जारी है। दरअसल, यहां से नेशनल हाइवे गुजर रहा है। सारस्वत का कहना है कि इस नेशनल हाइवे को राजेरा गांव के अंदर से निकालने के बजाय बाहर से निकाला जाना चाहिए था। बीस फीट की रोड को चालीस फीट की करने के लिए अस्सी घरों को तोड़ा गया है। सारस्वत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जानबूझकर शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों को गुमराह करके ये सड़क गांव के अंदर से निकाली है। बाइपास नहीं बनने दिया। इससे एससी और एसटी व गरीब के कई मकान तोड़ दिए गए हैं। नेशनल हाइवे ऑथेरिटी ने 22 दिसम्बर को पहला नोटिस दिया और चौबीस दिसम्बर को मकान तोड़ने शुरू कर दिए। पहले ही दिन अस्सी मकान तोड़ दिए गए हैं और कुछ मकान अभी और तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भी सूचना दी गई लेकिन सभी को ये फीडबेक मिल चुका था कि किसी के मकान नहीं टूट रहे हैं। इस पूरे मामले में केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो पाई। उनका मोबाइल नो रिप्लाई रहा। गांव को पानी तक नहीं दिया सारस्वत का आरोप है कि राजेरा गांव में पानी की आपूर्ति तक नहीं हो रही। इसके लिए भी सुमित गोदारा ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को मना कर चुके हैं। लोगों ने दस-दस हजार रुपए लगाकर पानी खरीदा। मैं हमेशा साथ था : सारस्वत आईटी प्रभारी सारस्वत ने बताया कि वो विधानसभा चुनाव में ताराचंद सारस्वत के साथ था। ऐसे में सुमित गोदारा नाराज हो गए। इससे पहले के चुनाव में मैं ही सुमित गोदारा का चुनाव संभाल रहा था। तब गोदारा जीत गए थे और सारस्वत चुनाव हार गए। ऐसे में मुझे पिछले चुनाव में सारस्वत के साथ लगना पड़ा था।


