ग्वालियर में भाजपा जिला मंत्री और कारोबारी दारा सिंह सेंगर के बेटे कृष्णदीप सिंह से ढाई लाख रुपए की लूट का मामला कुछ ही घंटों में उजागर हो गया। मामला सामने आते ही सोमवार दोपहर शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, लेकिन किसी भी बाइक सवार की मौजूदगी सामने नहीं आई। इसके बाद हजीरा थाना पुलिस ने कृष्णदीप से पूछताछ की, जिसमें उसने कुछ ही देर में पूरी कहानी बयां कर दी। फिलहाल युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, कृष्णदीप सिंह ने कॉलेज की फीस भरने के लिए पिता से मिले 70 हजार रुपये पहले ही खर्च कर दिए थे। अब उसे फीस जमा करनी थी। इसी बीच सोमवार को पिता ने उसे बैंक में जमा कराने के लिए 2.50 लाख रुपए दिए थे। फीस के दबाव में उसने लूट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को बता दी। पहली कहानी…कारोबारी के बेटे ने बताई
भाजपा जिला मंत्री दारा सिंह सेंगर की हजीरा थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में सोयाबीन की फैक्ट्री है। उनके 20 वर्षीय बेटे कृष्णदीप सिंह सोमवार दोपहर बिरला नगर रोड स्थित यूको बैंक पहुंचा था। बैंक में कैश जमा करने के लिए वह पास की गली में बाउचर भरने गया था। उसने बताया कि इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उसे टक्कर मारी और उससे ढाई लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। युवक ने बदमाशों का पीछा करने का दावा किया, लेकिन उन्हें पकड़ नहीं सका। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। दूसरी कहानी…फीस के पैसे कर दिए थे खर्च
हजीरा थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि लूट की यह पूरी कहानी झूठी थी। कृष्णदीप सिंह अमेटी कॉलेज में बीकॉम का छात्र है और वर्तमान में पांचवें सेमेस्टर में पढ़ रहा है। पूछताछ में युवक ने बताया कि पिता ने कॉलेज फीस के लिए पहले 70 हजार रुपए दिए थे, जिन्हें वह खर्च कर चुका था। इसके बाद बैंक में जमा कराने के लिए उसे ढाई लाख रुपए दिए गए थे। फीस के दबाव में उसने झूठी लूट की योजना बनाई। युवक ने बताया कि कथित लूट की रकम उसने अपने एक दोस्त को रखने के लिए दे दी थी। दोस्त को इस बात की जानकारी नहीं थी कि पैसों को लेकर झूठी लूट की कहानी रची जा रही है। पुलिस ने युवक की निशानदेही पर उसके दोस्त से ढाई लाख रुपए बरामद कर लिए हैं। फर्जी लूट का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कृष्णदीप सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने खंगाले CCTV कैमरे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आसपास लगे CCTV कैमरों खंगाले। हालांकि, पुलिस को युवक से पूछताछ में घटना को लेकर शुरुआत से ही संदेह था।एडिशनल एसपी विदिता डागर ने बताया कि दोपहर करीब सवा एक बजे सूचना मिली थी कि एक युवक बैंक में रुपए डिपॉजिट करने गया था। वहां एक गली में पेन लेने गया था, तभी बाइक सवार रुपए छीनकर फरार हो गए। यह पूरा मामला फर्जी निकला। कृष्णदीप ने ही झूठी कहानी बताई थी।


