विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर दर्शन के बाद वहां गंगाजल का छिड़काव करने का मामला भाजपा के लिए परेशानी बन गया है। बीकानेर में भाजपा के निष्कासित नेता ज्ञानदेव आहूजा का पुतला जलाया गया। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बीकानेर जिला कांग्रेस कमेटी शहर व देहात के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार दोपहर 1 बजे अंबेडकर सर्किल पर भाजपा के दलित विरोधी बयान पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि ज्ञानदेव आहुजा की नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के राम मंदिर में प्रवेश व पूजा के संबंध में की गयी निम्नस्तरीय टिप्पणी से भाजपा का दलित विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। पत्रकारों से वार्ता के दौरान सियाग नें कहा कि सोचिये, अगर संविधान नहीं होता तो भाजपा व आरएसएस दलितों के साथ क्या क्या करते? भाजपा की सोच हमेशा से ही दलित,किसान,अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के खिलाफ रही है। शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि नरेंद्र मोदी के चहेते भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा का कहना है कि दलित अपवित्र होते हैं।भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का यह जीता जागता उदाहरण है।दलित विरोधी मानसिकता पर भाजपा नेतृत्व को देश के दलितों से माफी मांगनी चाहिये।जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल ने भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता और दलितों के प्रति ईर्ष्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी छत्तीस कौम को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है तथा विविधता में एकता बनाए रखते हुए राष्ट्र हित में सदैव तत्पर रहती है। शहर संगठन महामंत्री नितिन वत्सस ने बताया कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस जन इकट्ठा हुए और भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्ञानदेव आहुजा द्वारा दलित विरोधी मानसिकता के तहत नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली के विरुद्ध की गई निम्न स्तरीय टिप्पणी के विरोध में नारेबाजी की तथा भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।


