सिंगरौली जिले की नगर परिषद सरई अध्यक्ष अनुराधा सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट से राजनीतिक हलचल मच गई है। इस पोस्ट के बाद भाजपा के भीतर की खींचतान सामने आई है। अध्यक्ष ने सरई के मंडल अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक पर आदिवासी होने के कारण मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुराधा सिंह ने नगर परिषद चुनाव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के टिकट पर लड़ा था और सरई की अध्यक्ष चुनी गई थीं। बाद में वह कई पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से भाजपा में असहजता महसूस करने की बात कही है। अपने पोस्ट में उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। व्यवहार से मनोबल प्रभावित अनुराधा सिंह का कहना है कि वह पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहती हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार उनके मनोबल को प्रभावित कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एक पार्षद नगर परिषद अध्यक्ष को मोहरा बनाकर भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इस ताजा विवाद को बीती रात हुए एक सड़क हादसे से भी जोड़ा जा रहा है, जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। इसी घटनाक्रम के बीच, एक पार्षद ने सरई मंडल अध्यक्ष रामधनी पर भी कई आरोप लगाए हैं। मामले पर नजर रखे हैं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदर शहर से बताया कि हम लगातार इस मामले में नजर रखे हुए हैं। इस संबंध में जानकारी हासिल कर आपको अवगत कराएंगे।


