भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले एक्सप्रेस-वे को लेकर दुर्ग जिले के धनोरा गांव में गुरुवार को 7-8 गांव के किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने मुआवजे की मांग की। उन्हें शांत कराने के लिए पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया, फिर कई घंटे बाद छोड़ दिया। दरअसल, भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे लगभग 92 किलोमीटर लंबा है। यह दुर्ग से शुरू होकर अंजोरा, पटोरा, सुपकोना, अभनपुर और नया रायपुर होते हुए आरंग तक पहुंचेगी। इसके निर्माण के लिए 2,330 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया। किसान पिछले 8 साल से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मुआवजा तय करने में हुई गड़बड़ी विरोध प्रदर्शन कर रहे बालमुकुंद तिवारी ने बताया कि, ‘भारतमाला परियोजना के कारण हजारों किसानों की जमीन को अधिग्रहित की गई है। पहले तो मुआवजा तय करने में गड़बड़ी की गई, उसके बाद समय पर मुआवजा भी नहीं दिया गया। जिन किसानों की जमीन 500 वर्ग मीटर से कम है, उनका मुआवजा भी हेक्टेयर के हिसाब से तय किया गया है। इससे उन्हें बहुत कम राशि मिल रही है। प्रदर्शनकारियों को सरकार दे रही धमकी प्रदर्शन कर रही महिला काजल देवांगन ने कहा कि, धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को सरकार धमका रही है कि वे जमीन खाली कर दें। सरकार बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन पर काम शुरू करना चाह रही है। किसान इस बात पर अड़े कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा वो अपनी जमीन से कब्जा नहीं छोड़ेंगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार विरोध प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों किसानों को पहले तो पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वो नहीं माने तो पुलिस ने भारी संख्या में बल बुलाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी को बस में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। फिर कई घंटे रोकने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।


