भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की CEO बनीं:40 साल तक कंपनी के साथ रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी; सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी

भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से इस पद को संभाल रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी। स्पेंसर लगभग 40 साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद रिटायर हो रहे हैं। वें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी। मेटा और इंस्टाकार्ट में लीडरशिप रोल निभा चुकी हैं आशा आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालने से पहले कंपनी के ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले वे मशहूर डिलीवरी फर्म ‘इंस्टाकार्ट’ में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘मेटा’ में प्रोडक्ट लीडरशिप जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। आशा ने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की डिग्री ली है। उन्हें बिजनेस स्केल करने और मुश्किल समय में टीमों को लीड करने का एक्सपर्ट माना जाता है। नियुक्ति के बाद पहला आधिकारिक मेमो भेजा आशा ने अपना पहला आधिकारिक मेमो भेजा है, जिसमें उन्होंने एक्सबॉक्स के भविष्य और गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर अपनी विजन साफ कर दी है। उन्होंने कहा आज मैं माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी शुरू कर रही हूं। मैं इस वक्त दो चीजें एक साथ महसूस कर रही हूं: विनम्रता और काम को लेकर तेजी। विनम्रता इसलिए क्योंकि इस टीम ने दशकों की मेहनत से कुछ बहुत ही शानदार खड़ा किया है। और काम में तेजी इसलिए क्योंकि गेमिंग की दुनिया बहुत बदलावों से गुजर रही है। मेरा पहला काम बहुत सीधा है: यह समझना कि यह सब कैसे काम करता है और इसे सुरक्षित रखना। इसकी शुरुआत तीन वादों के साथ होती है… 1. पहला, बेहतरीन गेम्स हर चीज की शुरुआत यहीं से होती है। इससे पहले कि हम कुछ और करें, हमारे पास ऐसे गेम्स होने चाहिए जिन्हें खिलाड़ी पसंद करें। यादगार किरदार, दिल को छू लेने वाली कहानियां, खेलने का नया तरीका और बेहतरीन क्रिएटिविटी। हम अपने स्टूडियो को और ताकत देंगे, बड़े ब्रांड्स में निवेश करेंगे और नए आइडियाज का साथ देंगे। हम रिस्क लेंगे। मैंने इसी वादे को पूरा करने के लिए मैट बूटी को प्रमोट किया है। वे गेम बनाने की कला और इसकी चुनौतियों को समझते हैं। पूरी इंडस्ट्री के डेवलपर्स उन पर भरोसा करते हैं। 2. दूसरा, एक्सबॉक्स की वापसी हम अपने उन पुराने एक्सबॉक्स फैंस और खिलाड़ियों के लिए फिर से पूरी लगन से काम करेंगे, जो पिछले 25 सालों से हमारे साथ जुड़े हैं। साथ ही उन डेवलपर्स के लिए भी जो ऐसी शानदार दुनिया और अनुभव बनाते हैं जिन्हें दुनिया भर के खिलाड़ी पसंद करते हैं। गेमिंग अब केवल एक हार्डवेयर तक सीमित नहीं है, यह हर डिवाइस पर मौजूद है। जैसे-जैसे हम PC, मोबाइल और क्लाउड की तरफ बढ़ रहे हैं। हम उन बाधाओं को दूर करेंगे ताकि डेवलपर्स एक बार गेम बनाएं और बिना किसी समझौते के हर जगह खिलाड़ियों तक पहुंच सकें। 3. तीसरा, गेमिंग का भविष्य हम गेमिंग के बदलते तौर-तरीकों को देख रहे हैं। इस दौर की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम नए बिजनेस मॉडल और खेलने के नए तरीके खोजेंगे। इसके लिए हम अपने पास मौजूद मशहूर टीमों, किरदारों और दुनिया का सहारा लेंगे जिन्हें लोग प्यार करते हैं। जैसे-जैसे कमाई के तरीके और AI भविष्य को प्रभावित करेंगे, हम केवल थोड़े समय के फायदे के पीछे नहीं भागेंगे और न ही अपने इकोसिस्टम में बिना जान वाला ‘AI स्लोप’) भरेंगे। गेम्स हमेशा एक आर्ट रहेंगे, जिसे इंसानों ने बनाया है और हमारी सबसे नई टेक्नोलॉजी ने उसे निखारा है। फिल स्पेंसर गर्मियों तक सलाहकार की भूमिका में रहेंगे गेमिंग जगत का बड़ा चेहरा माने जाने वाले फिल स्पेंसर अचानक कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं। वे इस साल गर्मियों तक कंपनी के साथ एक सलाहकार के तौर पर जुड़े रहेंगे। स्पेंसर के कार्यकाल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने ‘एक्टिविज़न ब्लिज़ार्ड’ जैसी बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया था। गेमिंग डिवीजन में और भी कई बड़े बदलाव हुए सिर्फ सीईओ ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने पूरी लीडरशिप टीम में फेरबदल किया है। मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है, जो अब गेम स्टूडियो और नए टाइटल्स की जिम्मेदारी देखेंगे। सारा बॉन्ड ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है। इन बदलावों से साफ है कि माइक्रोसॉफ्ट अब एआई और क्लाउड गेमिंग के जरिए एक्सबॉक्स की पहचान बदलने की तैयारी में है। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सामने 3 बड़ी चुनौतियां सत्या नडेला की कोर टीम में एक और भारतीय चेहरा सत्या नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट में भारतीय मूल के अधिकारियों का दबदबा बढ़ा है। वहीं आशा शर्मा की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कंपनी गेमिंग को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एआई और क्लाउड बिजनेस का भविष्य मान रही है। नॉलेज बॉक्स: 1. ‘AI Slop’ क्या है जिसका जिक्र आशा ने किया? टेक की भाषा में ‘AI Slop’ उस कंटेंट को कहा जाता है जो एआई द्वारा बिना किसी मानवीय रचनात्मकता या गुणवत्ता जांच के भारी मात्रा में तैयार किया जाता है। आशा का कहना है कि गेमिंग में इमोशन्स और ह्यूमन टच जरूरी है, जो केवल मशीनें नहीं दे सकतीं। 2. क्या है Xbox?

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *